केरल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अभिनेता और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष एस. देवन ने प्रदेश उपाध्यक्ष पद के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को अलप्पुझा के कनिचुकुलंगरा देवी मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने फैसले की जानकारी दी।
विचारधारा से तालमेल न बैठने का हवाला
देवन ने बीजेपी छोड़ने के पीछे अपनी राजनीतिक सोच को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति श्री नारायण गुरु के आदर्शों और सिद्धांतों पर आधारित है। बीजेपी में करीब पांच साल काम करने के बाद उन्हें लगा कि वह अपनी विचारधारा के मुताबिक राजनीतिक भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।
लंबे समय से चल रहा था मंथन
अभिनेता ने बताया कि वह पिछले चार-पांच महीनों से पार्टी छोड़ने के फैसले पर विचार कर रहे थे। शनिवार को उन्होंने इस मुद्दे पर दोबारा आत्ममंथन किया और इसके बाद पार्टी से अलग होने का अंतिम निर्णय लिया। उनके इस फैसले के बाद केरल की राजनीतिक गतिविधियों पर नजरें टिक गई हैं।
2021 में बीजेपी के साथ आया था राजनीतिक सफर
एस. देवन ने वर्ष 2021 में अपनी पार्टी नवा केरल पीपुल्स पार्टी का बीजेपी में विलय किया था। इसके बाद उन्हें केरल बीजेपी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब करीब पांच साल बाद उन्होंने पार्टी से पूरी तरह अलग होने का फैसला किया है।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है यह इस्तीफा?
केरल में बीजेपी लंबे समय से अपना संगठन और जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में पार्टी के प्रदेश स्तर के एक प्रमुख पदाधिकारी का इस्तीफा राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवन की पहचान अभिनेता के साथ-साथ सक्रिय राजनेता के रूप में भी रही है।
अब किस राह पर जाएंगे एस. देवन?
बीजेपी छोड़ने के बाद देवन की अगली राजनीतिक रणनीति को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने की घोषणा नहीं की है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर रहेगी।
