Friday, September 11, 2026
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कर्ज माफी की मांग के बीच किसानों के आंदोलन में बवाल, बैंक नोटिस पहुंचने पर बिगड़ा माहौल

by Sagar Sharma
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धमधा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। कर्ज माफी समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन के बीच कर्ज संबंधी नोटिस देने बैंक कर्मचारियों के पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई और किसानों व बैंक कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

54 किसानों के ऋण माफी प्रकरणों का मामला

किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के नेतृत्व में किसान IDBI बैंक से जुड़े 54 लंबित ऋण माफी प्रकरणों के निराकरण की मांग उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि ग्राम पेंड्री, परसबोड़, कूटहा, खपरी, खैरझिटी और हिरेतरा के किसानों के ऋण माफी से जुड़े मामले लंबे समय से लंबित हैं।

किसानों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर पहले भी अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित किसानों की सूची और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई गई, लेकिन किसानों का दावा है कि अब तक उन्हें अंतिम समाधान नहीं मिला है। इसी के बाद किसानों ने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया।

बैंक कर्मचारियों के पहुंचते ही बढ़ा विवाद

आंदोलन के चौथे दिन उस समय माहौल गरमा गया, जब कर्ज संबंधी नोटिस देने बैंक कर्मचारी खपरी गांव पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। बैंक कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी हो गई और मामला विवाद में बदल गया।

स्थिति बिगड़ने पर ग्रामीणों ने बैंक कर्मचारियों को मौके पर ही रोक लिया। बाद में समझाइश के बाद माहौल शांत कराया गया और बैंक कर्मचारियों को वहां से बाहर निकाला गया। इस दौरान किसी बड़ी घटना के होने से पहले स्थिति संभाल ली गई।

नोटिस को लेकर किसानों में नाराजगी

किसानों का कहना है कि एक तरफ वे लंबित ऋण माफी प्रकरणों के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें बैंक की ओर से कर्ज संबंधी नोटिस मिल रहे हैं। किसानों के अनुसार, कुछ मामलों में जमीन कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया है।

किसानों का आरोप है कि ऋण माफी के दौरान पात्र हितग्राहियों के चयन में कथित चूक हुई थी। उनका सवाल है कि यदि प्रक्रिया में गलती हुई है तो उसका समाधान किसानों पर दबाव बनाकर क्यों किया जा रहा है।

दूसरी मांग भी आंदोलन का हिस्सा

ऋण माफी के अलावा किसान परसबोड़ ट्रांसफार्मर हटाने की मांग भी उठा रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा और वे अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं।

इससे पहले आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों के बीच पहुंचे थे। अधिकारियों ने उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने और शासन के सामने मामला रखने का भरोसा दिया था, लेकिन किसान ठोस निर्णय की मांग पर कायम हैं।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन बढ़ने के संकेत

धमधा में किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल अब कई दिनों से जारी है। किसानों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं बैंक कर्मचारियों के नोटिस पहुंचाने के बाद पैदा हुआ विवाद प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

अब निगाह इस बात पर है कि लंबित ऋण माफी प्रकरणों और किसानों की अन्य मांगों पर प्रशासन एवं शासन स्तर से क्या फैसला लिया जाता है। फिलहाल किसान अपने रुख पर कायम हैं और समाधान की मांग कर रहे हैं।

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