महाराष्ट्र के बहुप्रतीक्षित मुंबई-गोवा हाईवे प्रोजेक्ट में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कड़ी नाराजगी जताई है। वर्षों से चल रहे इस प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर उन्होंने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस देरी पर शर्म आती है। गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।
वर्षों से चल रहा निर्माण अब भी अधूरा
मुंबई और गोवा के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया था। इस परियोजना के तहत पुराने मार्ग को चार लेन में विकसित किया जाना है, ताकि दोनों राज्यों के बीच यात्रा अधिक तेज और सुरक्षित हो सके।
हालांकि, परियोजना को पूरा करने में लगातार देरी होती रही। अलग-अलग हिस्सों में निर्माण, भूमि अधिग्रहण और अन्य अड़चनों के कारण तय समयसीमा कई बार प्रभावित हुई। इसका सीधा असर इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा है।
देरी पर खुलकर सामने आया गडकरी का गुस्सा
एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने परियोजना की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक किसी सड़क परियोजना का खिंचना निराशाजनक है और इस वजह से उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।
गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि वह हाईवे के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उनके इस बयान को परियोजना में हुई देरी के प्रति उनकी गंभीर नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
काम लगभग पूरा होने का दावा
परियोजना की मौजूदा स्थिति को लेकर बताया गया है कि हाईवे का बड़ा हिस्सा अब पूरा हो चुका है। करीब 93 से 94 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है।
अक्टूबर में खुद करेंगे मौके का निरीक्षण
नितिन गडकरी ने परियोजना की वास्तविक स्थिति को खुद देखने की बात कही है। वह अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से गोवा जाने की योजना बना रहे हैं।
इस दौरान वह हाईवे के विभिन्न हिस्सों का जायजा ले सकते हैं और यह देखेंगे कि निर्माण कार्य किस स्थिति में है। इससे सड़क की गुणवत्ता और बाकी बचे काम की प्रगति का भी आकलन किया जा सकेगा।
लापरवाही पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्ती
हाईवे निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर गडकरी पहले भी सख्त रुख अपनाते रहे हैं। उन्होंने खराब काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की बात कही है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय किए जाने के संकेत दिए गए हैं। इससे साफ है कि परियोजना के अंतिम चरण में काम की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रियों को पूरी राहत का इंतजार
मुंबई-गोवा मार्ग महाराष्ट्र और गोवा के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य लंबे समय तक चलने के कारण यात्रियों को कई जगह ट्रैफिक, डायवर्जन और खराब सड़क जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
हाईवे का काम पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के बीच सड़क यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। लेकिन इसके लिए बाकी काम को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना जरूरी होगा।
अब अंतिम चरण में प्रोजेक्ट की असली परीक्षा
मुंबई-गोवा हाईवे परियोजना का अधिकांश काम पूरा होने की बात सामने आने के बाद अब नजर बचे हुए हिस्से पर है। गडकरी की नाराजगी के बाद संबंधित एजेंसियों पर काम तेजी से पूरा करने का दबाव और बढ़ गया है।
अक्टूबर में गडकरी के प्रस्तावित सड़क निरीक्षण से भी परियोजना की जमीनी स्थिति पर तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल यात्रियों की नजर इस बात पर है कि वर्षों से लंबित यह हाईवे पूरी तरह कब तैयार होता है।
