अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (3 अगस्त 2026) को ईरान के साथ प्रस्तावित वार्ता की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उन्होंने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया है। उनका कहना है कि अमेरिका पहले कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को पूरा अवसर देना चाहता है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से जारी विवाद का समाधान तलाशना है।इससे पहले शनिवार (1 अगस्त) को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि ईरान और पश्चिम एशिया के कई देशों ने समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। उन्होंने कहा था कि यदि वार्ता सफल रहती है तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत पूरी तरह खोलने का रास्ता साफ होगा और ईरान से जुड़े परमाणु खतरे को समाप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। साथ ही उन्होंने तेहरान से जल्द समझौते पर सहमति बनाने की अपील भी की।उधर, ईरान ने भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। रविवार (2 अगस्त) को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन चर्चाओं में क्षेत्रीय हालात और जारी कूटनीतिक प्रयासों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) ने विदेश मंत्री अराघची के हवाले से बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो क्षेत्र में तनाव कम होने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
ईरान से आज होगी अहम बातचीत, ट्रंप बोले- समझौते के लिए कोई समयसीमा तय नहीं
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