उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण कर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, गुरुवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से पूर्वी सागर (ईस्ट सी) की दिशा में एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की। घटना के बाद दक्षिण कोरिया की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और अमेरिका व जापान के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि मिसाइल का प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वॉनसन के आसपास से स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे किया गया। शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि एक मिसाइल दागी गई या एक से अधिक। सेना ने कहा कि लॉन्च से जुड़ी सभी गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
जेसीएस के मुताबिक, भविष्य में किसी भी संभावित सैन्य गतिविधि से निपटने के लिए दक्षिण कोरियाई सेना पूरी तरह तैयार है। साथ ही इस घटना से जुड़ी खुफिया जानकारी अमेरिका और जापान के साथ साझा की जा रही है ताकि समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका इस महीने के अंत में होने वाले अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया अक्सर ऐसे सैन्य अभ्यासों से पहले अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करता है।
घटना के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने और इस मिसाइल लॉन्च के राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए गए। सरकार ने उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई को उकसावे वाला कदम बताते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया समय-समय पर मिसाइल परीक्षण करता रहा है। इससे पहले मई में भी उसने येलो सी की दिशा में कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और रॉकेट दागे थे। लगातार हो रहे इन परीक्षणों के कारण कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा संबंधी चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं।
