Sunday, August 9, 2026
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IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में PM मोदी का युवाओं को संदेश, बोले- ‘जीवन की असली दौड़ खुद से है’

by Sagar Sharma
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि IIT की डिग्री सिर्फ नौकरी पाने की योग्यता नहीं, बल्कि कठिन समस्याओं को हल करने की क्षमता का प्रमाण है।

पीएम मोदी ने कोविड महामारी के दौरान अपनी वर्चुअल मौजूदगी को याद किया और कहा कि इस बार छात्रों के बीच व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने छात्रों से कहा कि कैंपस की दोस्ती, शिक्षक, मेंटर और यहां बिताए समय की यादें आगे की जिंदगी में उन्हें प्रेरणा देती रहेंगी।

‘जो लगातार सीखता है, वही आगे बढ़ता है

प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलती दुनिया और तकनीक का जिक्र करते हुए छात्रों से लगातार सीखते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जीवन की कई चुनौतियां ऐसी होंगी, जिनका जवाब किसी किताब या पाठ्यक्रम में नहीं मिलेगा। इसलिए युवाओं को समस्याओं को पहचानने और उनके नए समाधान खोजने की क्षमता विकसित करनी होगी।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि बड़ी मुश्किलों को छोटे हिस्सों में बांटकर उनका समाधान खोजें। पीएम मोदी ने कहा कि कठिनाइयों के साथ नए अवसर भी आते हैं और युवाओं को उन्हें पहचानने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका

पीएम मोदी ने अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, स्टार्टअप, डिजिटल पेमेंट और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी सीमित देशों तक रहने वाली अंतरिक्ष तकनीक अब भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

उन्होंने सेमीकंडक्टर निर्माण, AI, डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, महत्वपूर्ण खनिज और डीप-सी एक्सप्लोरेशन जैसे क्षेत्रों को भविष्य के लिए अहम बताया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से इन क्षेत्रों में रिसर्च और इनोवेशन के जरिए देश को आगे ले जाने का आह्वान किया।

‘जीवन कोई लीडरबोर्ड नहीं’

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी प्रधानमंत्री ने छात्रों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी नौकरी, सैलरी या स्टार्टअप की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा, “जीवन कोई लीडरबोर्ड नहीं है; आपकी असली दौड़ किसी और से नहीं, बल्कि खुद से है।”

अंत में पीएम मोदी ने छात्रों, उनके परिवारों, शिक्षकों और संस्थान के सभी सहयोगी कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं और युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

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