प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को टेलीफोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई। साथ ही पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत अब तक हुई प्रगति का आकलन किया। उन्होंने रक्षा, कृषि, नवाचार, तकनीक और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने इस साझेदारी को भविष्य में और व्यापक बनाने की इच्छा भी व्यक्त की।
बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी प्रमुख मुद्दा रहा। क्षेत्र में कई महीनों से संघर्ष जारी है और हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे माहौल में दोनों नेताओं ने मौजूदा परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के महत्व पर जोर दिया।
पीएमओ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भविष्य में भी नियमित संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की, ताकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और आपसी समन्वय को और प्रभावी बनाया जा सके।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। इसी बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ एक समझौते के मसौदे पर अंतिम चरण की बातचीत की जानकारी दी है। वहीं, लेबनान में दो इजरायली सैनिकों की मौत की खबर ने क्षेत्र की स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और इजरायल के बीच लगातार उच्चस्तरीय संवाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
