Saturday, September 12, 2026
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बिहार के स्कूल में नमक की जगह परोसा गया डिटर्जेंट! मिड-डे मील खाने से 40 बच्चे बीमार

by Sagar Sharma
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नालंदा। बिहार के नालंदा जिले से मिड-डे मील को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नूरसराय थाना क्षेत्र के परासी मिडिल स्कूल में मंगलवार को मिड-डे मील के दौरान कथित तौर पर नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर परोसे जाने के बाद करीब 40 बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने खाना खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के बाद सामने आई और बाद में कई मीडिया रिपोर्टों ने भी घटना की पुष्टि की।

नमक की जगह कैसे पहुंच गया डिटर्जेंट?

रिपोर्टों के मुताबिक, स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की सब्जी में नमक कम था। बच्चों ने खाने के साथ नमक मांगा। इसी दौरान कथित तौर पर नमक समझकर डिटर्जेंट पाउडर परोस दिया गया। बच्चों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि जो पाउडर उन्हें दिया जा रहा है, वह नमक नहीं बल्कि सफाई में इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट है। खाना खाने के कुछ ही समय बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

स्कूल के एक शिक्षक के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि मिड-डे मील दूसरे स्कूल से लाया गया था। सोयाबीन की सब्जी में नमक कम होने के कारण बच्चों ने अलग से नमक मांगा था। इसी दौरान यह गंभीर गलती हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खाने की सामग्री के बीच डिटर्जेंट पाउडर कैसे रखा गया और उसे नमक समझने की स्थिति आखिर क्यों बनी।

बच्चों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल पहुंचाया। बच्चों के अस्पताल पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक भी वहां पहुंच गए। अस्पताल में बच्चों का इलाज शुरू किया गया और डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर निगरानी रखी।

नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि बच्चों की निगरानी की जा रही है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को तैनात किया गया, ताकि किसी बच्चे की हालत बिगड़ने पर तुरंत उपचार दिया जा सके।

मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को सभी बच्चों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

मिड-डे मील की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों के भोजन में सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट पहुंच जाना सामान्य गलती नहीं मानी जा सकती। इससे खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन तैयार करने और उसे बच्चों तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच जरूरी हो गई है।

प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि डिटर्जेंट पाउडर कहां रखा गया था, भोजन में वह कैसे पहुंचा और भोजन परोसने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं हुई। घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है।

फिलहाल बच्चों का इलाज प्राथमिकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित बच्चों की चिकित्सकीय निगरानी जारी रहेगी और जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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