अमेरिका में 9/11 हमले की 25वीं बरसी के मौके पर दिए गए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हेगसेथ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका 9/11 की त्रासदी का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को सही ठहराने के लिए कर रहा है।
हेगसेथ के बयान पर तेहरान का तीखा पलटवार
बघाई ने कहा कि 9/11 की बरसी पर अमेरिकी रक्षा मंत्री की ओर से पेश की गई कहानी में कई विरोधाभास हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका आतंकवाद और हिंसा की परिभाषा तय करने का विशेष अधिकार अपने पास कैसे रख सकता है, जबकि उसके सैन्य अभियानों में नागरिकों के मारे जाने के आरोप भी लग रहे हैं।
ईरानी पक्ष का कहना है कि 9/11 की घटना और ईरान के खिलाफ मौजूदा सैन्य कार्रवाई को एक ही संदर्भ में पेश करना उचित नहीं है।
बघाई बोले- 9/11 के हमलावर ईरानी नहीं थे
बघाई ने विशेष तौर पर इस बात पर जोर दिया कि 2001 के 9/11 हमलों को ईरान के खिलाफ मौजूदा सैन्य कार्रवाई से जोड़ना ऐतिहासिक रूप से गलत है। उनका कहना है कि अमेरिका जिस तरह 9/11 की घटना को ईरान के खिलाफ अपने रुख के समर्थन में इस्तेमाल कर रहा है, वह तेहरान को स्वीकार्य नहीं है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
हेगसेथ ने ईरान को बताया आतंकवाद से जुड़ा खतरा
9/11 की 25वीं बरसी पर पेंटागन में बोलते हुए हेगसेथ ने अमेरिका की मौजूदा ईरान नीति को आतंकवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष से जोड़ते हुए कहा कि ईरान ने दशकों से अमेरिका के प्रति दुश्मनी दिखाई है। उन्होंने ईरानी शासन पर आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उनके बयान में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को जारी रखने का स्पष्ट संकेत भी दिखाई दिया।
25 साल बाद भी 9/11 की राजनीति पर बहस
11 सितंबर 2001 के हमलों में करीब 3,000 लोगों की जान गई थी। इस साल अमेरिका में इसकी 25वीं बरसी पर बड़े स्तर पर स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि, इस बार ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को 9/11 की विरासत से जोड़ने को लेकर राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय बहस भी तेज हुई है।
ईरान का आरोप है कि वॉशिंगटन 9/11 की भावनात्मक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का इस्तेमाल अपने मौजूदा सैन्य अभियान के लिए समर्थन जुटाने में कर रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच और बढ़ी बयानबाजी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव केवल बयानों तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। हाल के दिनों में ईरान ने अमेरिका पर क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगाया है, जबकि वॉशिंगटन तेहरान को आतंकवाद और परमाणु खतरे से जोड़कर अपनी कार्रवाई का बचाव कर रहा है
ऐसे माहौल में 9/11 की बरसी पर हेगसेथ की टिप्पणी और उस पर बघाई की प्रतिक्रिया ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
