BRICS Summit 2026 से पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ी गतिविधि देखने को मिली है। रूस के तीन सैन्य विमान यहां पहुंचे हैं। इनमें IL-76 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल है। इन विमानों के जरिए रूसी एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं।
नए एयरपोर्ट पर दिखी रूसी विमानों की मौजूदगी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूसी सैन्य विमानों की लैंडिंग को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। BRICS सम्मेलन से पहले एयरपोर्ट पर सुरक्षा और संचालन से जुड़ी तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
विदेशी सैन्य विमानों की मौजूदगी ने नए एयरपोर्ट को लेकर भी लोगों का ध्यान खींचा है।
एडवांस टीम ने शुरू किया तैयारियों का जायजा
रूस से पहुंची एडवांस टीम में सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। टीम आगामी दौरे से जुड़ी सुरक्षा, प्रोटोकॉल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है।
भारतीय अधिकारियों और रूसी टीम के बीच समन्वय के जरिए कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।
रनवे पर उतरने के बाद एयरपोर्ट में ही रुके विमान
लैंडिंग के बाद तीनों रूसी सैन्य विमानों को एयरपोर्ट परिसर में पार्क किया गया। उनकी मौजूदगी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को भी खास तौर पर बनाए रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन से पहले विदेशी मेहमानों की आवाजाही को लेकर इस तरह की तैयारियां अहम मानी जाती हैं।
रूस के राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी तैयारियां
BRICS सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की उम्मीद है। ऐसे में रूसी सैन्य विमानों का पहले पहुंचना उनके संभावित दौरे की तैयारियों से जुड़ा अहम कदम माना जा रहा है।
एडवांस टीम के जरिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित व्यवस्थाओं को पहले ही परखा जा रहा है, ताकि शीर्ष स्तर के दौरे के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
BRICS बैठक से पहले तेज हुआ सुरक्षा इंतजाम
BRICS Summit 2026 को लेकर भारत में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। रूस के तीन सैन्य विमानों के नोएडा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद तैयारियों की हलचल और बढ़ गई है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिहाज से भी यह घटनाक्रम अहम है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से पहले यहां विदेशी सैन्य विमानों की आवाजाही देखने को मिली है।
नोएडा एयरपोर्ट की भूमिका पर भी नजर
रूसी टीम के भारत पहुंचने के बाद अब आगामी दिनों में होने वाली गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। खासतौर पर रूस के शीर्ष नेतृत्व के संभावित भारत दौरे के दौरान नोएडा एयरपोर्ट की भूमिका और यहां होने वाली आवाजाही पर नजर रहेगी।
तीन रूसी सैन्य विमानों की लैंडिंग से BRICS सम्मेलन से पहले भारत और रूस के बीच होने वाले उच्चस्तरीय दौरे की तैयारियों को लेकर हलचल साफ दिखाई देने लगी है।
