Thursday, October 8, 2026
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Home खेलएशियन गेम्स 2026 में परवीन हुड्डा का दमदार पंच, लवलीना के बाद गोल्ड के लिए तैयार; मैरी कॉम के खास क्लब में एंट्री

एशियन गेम्स 2026 में परवीन हुड्डा का दमदार पंच, लवलीना के बाद गोल्ड के लिए तैयार; मैरी कॉम के खास क्लब में एंट्री

by Sagar Sharma
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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग का शानदार प्रदर्शन जारी है। लवलीना बोरगोहेन के स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब परवीन हुड्डा ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से देश की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन ने सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की ली शु को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

5-0 की शानदार जीत से फाइनल में जगह

परवीन हुड्डा ने सेमीफाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक और संतुलित बॉक्सिंग का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क और सटीक पंचों का इस्तेमाल किया। मुकाबले के दौरान परवीन ने दूरी बनाए रखते हुए सही समय पर हमला किया और निर्णायकों पर अपनी छाप छोड़ी।

अंत में सभी पांचों निर्णायकों ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया और परवीन ने 5-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंच गईं।

मैरी कॉम और लवलीना के खास क्लब में शामिल

परवीन हुड्डा का फाइनल में पहुंचना भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि है। वह एशियन गेम्स के बॉक्सिंग फाइनल में पहुंचने वाली भारत की चुनिंदा महिला मुक्केबाजों में शामिल हो गई हैं।

उनसे पहले मैरी कॉम और लवलीना बोरगोहेन इस स्तर तक पहुंच चुकी हैं। मैरी कॉम ने 2014 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि लवलीना ने भी एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक हासिल किया है।

अब परवीन के पास इस खास सूची में अपना नाम और ऊपर ले जाने का मौका है। फाइनल जीतने पर वह एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगी।

लवलीना ने भी जीता ऐतिहासिक गोल्ड

परवीन की सफलता से पहले लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लवलीना ने फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया।लवलीना की इस जीत ने भारतीय बॉक्सिंग के अभियान को और मजबूती दी। उनके स्वर्ण के बाद परवीन के फाइनल में पहुंचने से भारत को एक और गोल्ड की उम्मीद जगी है।

परवीन के सामने बड़ी चुनौती

फाइनल में परवीन हुड्डा का सामना चीनी ताइपे की अनुभवी मुक्केबाज चेन निएन-चिन से होना है। चेन निएन-चिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और उनके पास बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव है।

ऐसे में फाइनल मुकाबला परवीन के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि, सेमीफाइनल में 5-0 की जीत ने उनके आत्मविश्वास को जरूर बढ़ाया है। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक पर होगी।

पिछली मुश्किलों के बाद शानदार वापसी

परवीन हुड्डा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने रिंग में वापसी की और अपने प्रदर्शन को फिर से मजबूत किया।

एशियन गेम्स 2026 में फाइनल तक पहुंचना उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है। अब पूरा ध्यान फाइनल मुकाबले पर है, जहां जीत उन्हें स्वर्ण पदक दिला सकती है।भारतीय बॉक्सिंग के लिए भी यह प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है। लवलीना के स्वर्ण और परवीन के फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजरें अब बाकी मुकाबलों पर टिकी हैं।

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