एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती के लिए सुनील कुमार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में सुनील कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का खाता खोला। कांस्य पदक के मुकाबले में उन्होंने फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। इस जीत के साथ सुनील लगातार दूसरे एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन कुश्ती का पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान बन गए हैं।
शुरुआत से ही दिखा शानदार आत्मविश्वास
सुनील कुमार ने प्रतियोगिता में अच्छी शुरुआत की। शुरुआती मुकाबलों में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करते हुए आगे का रास्ता तय किया।
सेमीफाइनल मुकाबले में सुनील का सामना जापान के ताइजो योशिदा से हुआ। इस मुकाबले में उन्हें 11-0 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में हार के कारण उनका गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन कांस्य पदक जीतने का मौका उनके पास बरकरार रहा।
ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में दबदबा
कांस्य पदक के मुकाबले में सुनील कुमार के सामने फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स थे। भारतीय पहलवान ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा।
सुनील ने अपने प्रतिद्वंद्वी की पकड़ को नियंत्रित करते हुए टेकडाउन के जरिए अंक हासिल किए। शुरुआती दौर में ही उन्होंने बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने पार टेरे स्थिति में लगातार अंक जुटाए और स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
रॉबर्ट्स भारतीय पहलवान के आक्रामक खेल का प्रभावी जवाब नहीं दे सके। सुनील ने अपनी तकनीक और ताकत का इस्तेमाल करते हुए स्कोर को 7-0 तक पहुंचाया। इसके बाद दो और अंक हासिल कर उन्होंने मुकाबला 9-0 से अपने नाम कर लिया। तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला समाप्त हुआ और सुनील के नाम ब्रॉन्ज मेडल दर्ज हो गया।
लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पदक
सुनील कुमार की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन कुश्ती में पदक जीता है। इससे पहले हांगझोउ एशियन गेम्स में भी उन्होंने 87 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
अब एशियन गेम्स 2026 में एक बार फिर कांस्य पदक जीतकर उन्होंने भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती में अपनी निरंतरता साबित की है। लगातार दो संस्करणों में पोडियम पर पहुंचना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
भारतीय कुश्ती का खुला मेडल खाता
सुनील कुमार का ब्रॉन्ज एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती का पहला पदक भी है। उनकी जीत से भारतीय दल को कुश्ती में पहली सफलता मिली है।
ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं रहा है। ऐसे में सुनील का लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीतना इस खेल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उनके प्रदर्शन में ताकत के साथ-साथ तकनीकी समझ और मुकाबले के दौरान सही समय पर अंक हासिल करने की क्षमता भी दिखाई दी। ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से अंत तक अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा और मुकाबला एकतरफा अंदाज में समाप्त किया।
सुनील कुमार की यह उपलब्धि एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण खेल उपलब्धि बन गई है। लगातार दूसरी बार पदक जीतने के साथ उन्होंने भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती में अपना नाम और मजबूत किया है।
