48 साल बाद ट्रैप शूटिंग में फिर गूंजा भारतीय तिरंगा
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग के लिए नीरू ढांडा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में नीरू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस जीत के साथ भारत का व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग गोल्ड का 48 साल लंबा इंतजार खत्म हो गया।
फाइनल में दिखा नीरू का जबरदस्त आत्मविश्वास
नीरू ने फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही शानदार नियंत्रण बनाए रखा। दबाव के बीच उन्होंने एक के बाद एक सटीक निशाने लगाए और 28 अंकों के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। उनके इस प्रदर्शन ने नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया।
चीन की यूनोंग सुन ने 26 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। फाइनल में नीरू की निरंतरता और एकाग्रता ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से आगे बनाए रखा।
महिला ट्रैप शूटिंग में भारत की पहली गोल्ड मेडलिस्ट
नीरू ढांडा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह एशियन गेम्स की महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला निशानेबाज बन गई हैं।
भारत ने इससे पहले व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में 1978 के एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था। उस समय रंधीर सिंह ने पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके बाद व्यक्तिगत ट्रैप में भारत को फिर गोल्ड के लिए 48 साल का इंतजार करना पड़ा।
टीम इवेंट में भी भारत के लिए जीता था सिल्वर
नीरू के लिए एशियन गेम्स का यह अभियान व्यक्तिगत गोल्ड से पहले ही शानदार रहा था। महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू ने गोल्ड जीतकर अपने अभियान को ऐतिहासिक बना दिया।
मुश्किल दौर के बाद हासिल की बड़ी सफलता
नीरू की इस कामयाबी के पीछे संघर्ष की कहानी भी है। एशियन गेम्स से पहले वह डेंगू की चपेट में आ गई थीं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने प्रतियोगिता में वापसी की और अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा।
नीरू ने 2019 में शूटिंग की शुरुआत की थी। उनके परिवार में शूटिंग का माहौल पहले से मौजूद था। उनके चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण ने भी एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग में भारत के लिए पदक जीता था। इसी पारिवारिक जुड़ाव ने नीरू को इस खेल को गंभीरता से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुकी हैं पहचान
एशियन गेम्स के इस गोल्ड से पहले नीरू अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी क्षमता साबित कर चुकी हैं। 2026 में उन्होंने ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।अब एशियन गेम्स के गोल्ड के साथ उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। उनका प्रदर्शन भारतीय महिला शूटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
एक गोल्ड, कई ऐतिहासिक उपलब्धियां
नीरू ढांडा का एशियन गेम्स गोल्ड कई मायनों में खास है। उन्होंने न सिर्फ व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में भारत का 48 साल पुराना इंतजार खत्म किया, बल्कि महिलाओं की इस स्पर्धा में देश के लिए पहला स्वर्ण भी जीता। इसके अलावा 28 अंकों का रिकॉर्ड उनके प्रदर्शन को और खास बनाता है।
उनकी यह जीत भारतीय शूटिंग के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
