नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई।
जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए।
इन प्रतिबंधों के तहत बिना अनुमति सार्वजनिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन और धरना जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और केंद्रीय दिल्ली में यातायात को नियंत्रित रखना बताया गया।
सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता हिरासत में
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ पार्टी के विधायक संजीव झा और कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
प्रदर्शनकारियों की ओर से कहा गया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और उन्हें अपनी मांगों को रखने का अधिकार है। वहीं पुलिस की ओर से अनुमति और लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया गया। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई। मेट्रो स्टेशनों पर बदलाव का सीधा असर केंद्रीय दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। यात्रियों को प्रभावित इलाकों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव
जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और टॉल्स्टॉय मार्ग समेत मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया गया। कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए और वाहनों की आवाजाही को जरूरत के अनुसार डायवर्ट किया गया।
सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई। प्रदर्शन स्थल के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई।
SIR को लेकर राजनीतिक विवाद
प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। प्रदर्शनकारी समूहों और कुछ राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।
दूसरी ओर, चुनाव प्रशासन की ओर से SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान करने की प्रक्रिया के तौर पर बताया गया है। इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव प्रशासन के बीच मतभेद सामने आए हैं।
फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के मध्य दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। हिरासत में लिए गए नेताओं और प्रदर्शनकारियों की स्थिति तथा मेट्रो और यातायात व्यवस्था में बदलाव को लेकर घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
