एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाली ट्रैप शूटर नीरू ढांडा को एक और बड़ा सम्मान मिला है। दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली नीरू ढांडा को एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारत की महिला ध्वजवाहक चुना गया है। वह क्लोजिंग सेरेमनी में तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी। उनके लिए यह सम्मान पूरे टूर्नामेंट में किए गए शानदार प्रदर्शन का यादगार इनाम है।
नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में निशानेबाजी के ट्रैप इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद मिक्स्ड टीम ट्रैप स्पर्धा में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। महिला टीम ट्रैप स्पर्धा में उनके खाते में रजत पदक आया। इस तरह नीरू ने इस प्रतियोगिता में कुल तीन पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
व्यक्तिगत स्पर्धा में जीता ऐतिहासिक गोल्ड
नीरू ढांडा के अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक शामिल रहा। उन्होंने बेहद दबाव वाले मुकाबले में अपनी सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया और लगातार बेहतरीन स्कोर के दम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
उनकी यह जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण रही। बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव के बीच जिस तरह नीरू ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा, उसने उन्हें भारतीय दल की प्रमुख पदक विजेताओं में शामिल कर दिया।
मिक्स्ड टीम में भी सोने पर लगाया निशाना
नीरू ढांडा ने मिक्स्ड टीम ट्रैप स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। अपने साथी खिलाड़ी के साथ मिलकर उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इस जीत ने उनके एशियन गेम्स अभियान को और खास बना दिया
इसके अलावा महिला टीम ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तीन पदकों के साथ उनका प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में भारतीय निशानेबाजी की सफलता की बड़ी वजहों में शामिल रहा।
अब हाथ में होगा तिरंगा
शूटिंग रेंज पर भारत का झंडा ऊंचा करने के बाद अब नीरू ढांडा समापन समारोह में हाथ में तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करती नजर आएंगी। किसी खिलाड़ी के लिए ध्वजवाहक बनना बेहद प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
नीरू को यह जिम्मेदारी मिलना उनके शानदार प्रदर्शन की आधिकारिक पहचान के तौर पर भी देखा जा रहा है। दो गोल्ड और एक सिल्वर जीतने के बाद उन्हें यह सम्मान मिलना उनके लिए एशियन गेम्स के सफर को और यादगार बना देता है।
देश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
नीरू ढांडा की सफलता उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो निशानेबाजी और अन्य खेलों में देश के लिए बड़ा मुकाम हासिल करना चाहती हैं। उनकी उपलब्धि बताती है कि मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
अब जब नीरू ढांडा क्लोजिंग सेरेमनी में तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा। शूटिंग रेंज से लेकर समापन समारोह तक नीरू का सफर एशियन गेम्स 2026 की यादगार कहानियों में शामिल हो गया है।
