23 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आज तीसरे और आखिरी दिन में प्रवेश कर चुका है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल इस आईपीओ को संस्थागत निवेशकों के साथ रिटेल निवेशकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। निवेशकों की नजर अब अंतिम दिन के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, शेयर आवंटन और संभावित लिस्टिंग पर टिकी है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हो रहा है। इश्यू का कुल आकार लगभग 30,213 करोड़ रुपये है। कंपनी ने शेयरों के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
दूसरे दिन तक कितना हुआ सब्सक्रिप्शन?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दूसरे दिन के कारोबार के दौरान आईपीओ को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। 22 अक्टूबर को कारोबार के दौरान कुल सब्सक्रिप्शन लगभग पांच गुना के स्तर तक पहुंच गया था। अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में अंतर है, इसलिए अंतिम दिन के सटीक आंकड़े के लिए स्टॉक एक्सचेंज की ताजा जानकारी देखना जरूरी है।
संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में सबसे अधिक दिलचस्पी दिखाई। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में मांग काफी मजबूत रही, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की भागीदारी भी बढ़ी। इस रुझान ने आईपीओ को बाजार में चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।
रिटेल निवेशकों ने कितनी लगाई बोली?
रिटेल निवेशकों के लिए यह आईपीओ खास महत्व रखता है। दूसरे दिन के दौरान खुदरा निवेशकों की आरक्षित श्रेणी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों में इस श्रेणी का सब्सक्रिप्शन अलग-अलग समय पर लगभग 1.4 से 1.5 गुना दर्ज किया गया।
इसका अर्थ है कि रिटेल श्रेणी में उपलब्ध शेयरों की तुलना में अधिक मांग दर्ज की गई। हालांकि, अंतिम दिन निवेशकों की भागीदारी बढ़ने या घटने से यह अनुपात बदल सकता है। इसलिए तीसरे दिन के अंतिम आंकड़ों को ही आधिकारिक स्थिति माना जाना चाहिए।
आईपीओ की प्रमुख जानकारियां
कंपनी: जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेडइश्यू का आकार: लगभग 30,213 करोड़ रुपयेप्राइस बैंड: 1,065–1,119 रुपये प्रति शेयरआईपीओ खुलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2026आईपीओ बंद होने की तारीख: 23 अक्टूबर 2026संभावित शेयर आवंटन: 26 अक्टूबर 2026संभावित लिस्टिंग: 28 अक्टूबर 2026
निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर
जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में मजबूत उपस्थिति, दूरसंचार कारोबार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं ने इस आईपीओ को निवेशकों के लिए आकर्षक चर्चा का विषय बनाया है। कंपनी के 50 करोड़ से अधिक ग्राहक होने की जानकारी भी इसके कारोबारी पैमाने को दर्शाती है।
हालांकि, किसी आईपीओ का अधिक सब्सक्रिप्शन अपने आप में लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं होता। निवेशकों को कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा और बाजार की परिस्थितियां भी ध्यान में रखनी चाहिए।
फिलहाल, तीसरे दिन के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और रिटेल श्रेणी की ताजा स्थिति का इंतजार है। निवेश से जुड़ा निर्णय लेने से पहले NSE या BSE पर उपलब्ध नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों की जांच करना जरूरी है।
