नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ दूसरे दिन भी निवेशकों के बीच चर्चा में बना हुआ है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल इस आईपीओ को पहले दिन ही शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। दूसरे दिन खुदरा निवेशकों की श्रेणी भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई, जबकि संस्थागत निवेशकों की ओर से मांग मजबूत बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब सब्सक्रिप्शन के ताजा आंकड़ों, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और संभावित लिस्टिंग पर टिकी है।
दूसरे दिन कितना सब्सक्राइब हुआ जियो का आईपीओ?
22 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 10:55 बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को कुल मिलाकर 3.45 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। खुदरा निवेशकों की श्रेणी 1.01 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में मांग सबसे ज्यादा रही, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने भी अच्छी दिलचस्पी दिखाई।
श्रेणीवार स्थिति इस प्रकार थी:
कुल सब्सक्रिप्शन: 3.45 गुनाQIB श्रेणी: 9.42 गुनाNII श्रेणी: 2.24 गुनाखुदरा निवेशक: 1.01 गुनाकर्मचारी श्रेणी: 1.60 गुनाशेयरधारक श्रेणी: 2 गुना
ये आंकड़े सुबह के अपडेट पर आधारित हैं। बाजार खुला रहने के दौरान सब्सक्रिप्शन का स्तर बदल सकता है।
पहले दिन से ही मिली थी मजबूत प्रतिक्रिया
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था। पहले दिन कारोबार समाप्त होने तक इसे लगभग 3.04 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। इसमें सबसे अधिक योगदान संस्थागत निवेशकों का रहा। QIB श्रेणी में मांग 9 गुना से अधिक पहुंच गई थी, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी पहले दिन पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हुई थी।
दूसरे दिन खुदरा निवेशकों की मांग में सुधार देखने को मिला। इससे संकेत मिला कि बड़े निवेशकों के साथ आम निवेशक भी इस निर्गम में भागीदारी बढ़ा रहे हैं। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े अपने आप में भविष्य में शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते।
कितना है आईपीओ का प्राइस बैंड?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से खुदरा निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे।
करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस सार्वजनिक निर्गम को भारतीय शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इसकी वजह कंपनी का विशाल ग्राहक आधार, डिजिटल सेवाओं में मौजूदगी और दूरसंचार क्षेत्र में उसका महत्वपूर्ण स्थान है।
Jio IPO GMP Today: ग्रे मार्केट में क्या है हाल?
जियो आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। 22 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध एक बाजार रिपोर्ट के अनुसार, इसका GMP करीब 246 रुपये प्रति शेयर था। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के आधार पर यह लगभग 1,365 रुपये की सांकेतिक लिस्टिंग कीमत और करीब 22% प्रीमियम का संकेत देता है।
हालांकि, अलग-अलग अनौपचारिक बाजार ट्रैकर्स पर GMP के आंकड़े अलग हो सकते हैं। यह आधिकारिक एक्सचेंज मूल्य नहीं है और इसमें तेजी से बदलाव संभव है।ध्यान रखें कि GMP के आधार पर निकाली गई संभावित लिस्टिंग कीमत केवल एक अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग मूल्य इससे कम या ज्यादा हो सकता है और निवेशकों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
कब बंद होगा आईपीओ और कब होगी लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 को बंद होने वाला है। इसके बाद आवंटन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। उपलब्ध आईपीओ कैलेंडर के मुताबिक, शेयरों की संभावित लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। निवेशकों को अंतिम तारीख और आवंटन से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक एक्सचेंज अपडेट देखना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है अहम संकेत?
जियो आईपीओ को मिली मजबूत प्रतिक्रिया कंपनी और भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। खास तौर पर संस्थागत निवेशकों की भारी मांग ने इस निर्गम को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इसके बावजूद, केवल सब्सक्रिप्शन या GMP देखकर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं होगा।
निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, मूल्यांकन, प्रतिस्पर्धा और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए। अंतिम दिन तक सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में बदलाव भी संभव है।
फिलहाल, जियो आईपीओ के दूसरे दिन की सबसे बड़ी खबर यह है कि खुदरा निवेशकों की श्रेणी भी सब्सक्राइब हो गई और संस्थागत मांग मजबूत बनी हुई है। अब बाजार की नजर अंतिम दिन के सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग से पहले के संकेतों पर रहेगी।
