होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर ईरान ने अमेरिका के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को साफ किया कि जब तक अमेरिका ईरान की सभी शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने का फैसला नहीं होगा। दूसरी ओर, ईरान और ओमान जहाजों की आवाजाही के लिए नए प्रोटोकॉल पर सहमति के काफी करीब बताए जा रहे हैं।
IRGC ने क्या कहा?
IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहेबी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का फैसला कुछ विशेष व्यवस्थाओं और शर्तों पर निर्भर करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शर्तें ओमान के साथ चल रही बातचीत से अलग हैं। ईरान की मांग है कि अमेरिका क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप बंद करे और तेहरान की शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि ओमान के साथ जहाजरानी व्यवस्था को लेकर बातचीत अंतिम चरण के करीब है। हालांकि, जलडमरूमध्य खोलने से पहले कुछ अतिरिक्त शर्तों को पूरा करना होगा।
अमेरिका से ईरान की प्रमुख मांगें
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका को ईरान के खिलाफ धमकियां और सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी। इसके अलावा क्षेत्र से अमेरिकी नौसेना और वायुसेना की उन ताकतों को हटाने की मांग की गई है, जिन्हें कथित तौर पर नाकाबंदी में शामिल किया गया है।
ईरान ने संघर्ष से हुए नुकसान का मुआवजा देने, प्रतिबंध हटाने और जब्त ईरानी संपत्तियों को जारी करने की मांग भी रखी है।
ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का अच्छा मौका हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान ईरानी जनता के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा।
यमन में हूतियों पर हमले का आरोप
इस बीच यमनी सेना ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर मारिब में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने का आरोप लगाया है। सेना के मुताबिक, रिहायशी इलाकों और विस्थापितों के शिविरों को निशाना बनाया गया। हमलों में दो लोगों की मौत और 14 लोग घायल हुए। यमनी सेना ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
