झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और उनके समर्थक पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें सरकार की सहानुभूति नहीं, बल्कि निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और उनका अधिकार चाहिए।
आंदोलन के दौरान कई छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को अनशन कर रहे राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं देवेंद्रनाथ महतो, महेन्द्र प्रसाद मंडल, प्रेम नायक और कुश महतो भी अलग-अलग तारीखों से अनशन कर रहे हैं।
देवेंद्रनाथ महतो का कहना है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। दूसरी ओर, महेन्द्र प्रसाद मंडल ने कहा कि वर्षों से छात्र परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की समस्या झेल रहे हैं।
स्टेडियम में चल रहे दूसरे धरना स्थल पर 14वीं जेपीएससी परीक्षा में शामिल हुए हबीबा, सविता कुमारी, रूपेश कुमार पाल और राहुल क्रांति जैसे अभ्यर्थी अनशन पर बैठे हैं। सविता का कहना है कि छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन व्यवस्था की खामियों का नुकसान उन्हें उठाना पड़ता है।
बोकारो के किसान परिवार से आने वाली उम्मे हबीबा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर और अपना अधिकार चाहिए।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, वित्तीय मामलों की ईडी जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल है। छात्र परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी टीडीपीएल द्वारा पहले आयोजित परीक्षाओं की भी जांच और रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को राज्य सरकार के मंत्रियों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत भी हुई। छात्रों के मुताबिक सरकार ने उनकी मांगों को जायज़ बताया है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 10 अगस्त से पहले समाधान नहीं होने पर विधानसभा मार्च की चेतावनी भी दी है।
