Sunday, August 9, 2026
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Home राजनीतिउदयनिधि स्टालिन को हाईकोर्ट से राहत, पूछताछ के बाद रिहाई के आदेश; तृषा टिप्पणी विवाद में सुनाया फैसला

उदयनिधि स्टालिन को हाईकोर्ट से राहत, पूछताछ के बाद रिहाई के आदेश; तृषा टिप्पणी विवाद में सुनाया फैसला

by Sagar Sharma
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अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस पूछताछ पूरी होने के तुरंत बाद उन्हें उसी दिन स्टेशन जमानत पर रिहा किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए जांच में पूरा सहयोग करने को कहा है।

यह आदेश उस समय आया जब पुलिस उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए तंजावुर लेकर गई थी। सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि महिलाओं की शिकायतों के आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया है और पूछताछ समाप्त होने के बाद नियमानुसार रिहा कर दिया जाएगा।

मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ मंगलवार के भीतर ही पूरी कर ली जाए और इसे अनावश्यक रूप से अगले दिन तक न बढ़ाया जाए। अदालत ने कहा कि जांच समाप्त होते ही कानून के तहत उन्हें स्टेशन बेल का लाभ दिया जाए।

इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को उनके आवास से हिरासत में लिया था। उनकी गिरफ्तारी से पहले इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। टीवीके और राष्ट्रीय महिला आयोग में दर्ज शिकायतों के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।

विवाद उस वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें कावेरी जल विवाद पर आयोजित एक सभा के दौरान भीड़ “तृषा-तृषा” के नारे लगा रही थी। इसी दौरान उदयनिधि की एक टिप्पणी को अभिनेत्री तृषा कृष्णन और मुख्यमंत्री विजय को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया।

हालांकि, डीएमके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता टी.आर. बालू का कहना है कि उदयनिधि ने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वहीं, डीएमके सांसद पी. विल्सन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए आरोप लगाया कि कावेरी जल विवाद जैसे अहम मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को तूल दिया जा रहा है।

दूसरी ओर, टीवीके और भाजपा ने उदयनिधि की टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।

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