Sunday, August 9, 2026
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JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा, छात्र आंदोलन के बीच झारखंड में बड़ा घटनाक्रम

by Sagar Sharma
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रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

JPSC सदस्यों का इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है।

शनिवार को छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच पांच घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई। अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ तीन चरणों में बातचीत की गई। हालांकि, लंबी चर्चा के बावजूद कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की अधिकांश मांगों को मान लिया गया है। दूसरी ओर, छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी कई प्रमुख मांगें अब भी लंबित हैं।

विवाद की मुख्य वजह JPSC की 14वीं परीक्षा को लेकर सरकार का फैसला भी है। सरकार ने 14वीं परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है, लेकिन छात्र इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, अन्य परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।

इसी बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे ने पूरे मामले को और अहम बना दिया है। अब सभी की नजरें सोमवार को प्रस्तावित छात्रों के विधानसभा मार्च पर हैं। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और वे किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ नहीं करेंगे।

14वीं परीक्षा रद्द होने से भी छात्र संतुष्ट नहीं

सरकार ने JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि केवल एक परीक्षा को रद्द करना उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं है। उनका जोर अन्य परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और पूरी भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर भी है।

छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सरकार बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है।सोमवार को विधानसभा मार्च

इसी बीच छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। इसे देखते हुए प्रशासन की तैयारियां भी महत्वपूर्ण होंगी। हालांकि, छात्र संगठनों ने साफ किया है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात कही है।

JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद अब इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। ऐसे में सोमवार को होने वाला विधानसभा मार्च और सरकार की अगली कार्रवाई इस आंदोलन की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

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