Saturday, September 12, 2026
Saturday, September 12, 2026
Home देशप्रयागराज में 20 साल पुराने पार्क कब्जे का मामला फिर गरमाया, आजम खान का नाम आया सामने; SIT करेगी जांच

प्रयागराज में 20 साल पुराने पार्क कब्जे का मामला फिर गरमाया, आजम खान का नाम आया सामने; SIT करेगी जांच

by Sagar Sharma
0 comments

प्रयागराज: शहर के दरियाबाद इलाके में पार्क की जमीन और उससे लगी करीब 20 फीट चौड़ी सड़क पर कथित कब्जे का दो दशक पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब इसकी उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है।

इस जांच टीम में एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के सचिव विनीत कुमार सिंह और डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य को शामिल किया गया है। टीम अब जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेखों की जांच करेगी।

2006 में सामने आया था विवाद

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और आजम खान नगर विकास मंत्री के पद पर थे। आरोप है कि तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान कुछ लोगों ने पार्क की जमीन पर कब्जा करना शुरू किया था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए प्रशासन से शिकायत भी की थी।

स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के मुताबिक, उस समय अधिकारियों को कार्रवाई करने से रोक दिया गया था। अब करीब 20 साल बाद यह मामला दोबारा जांच के दायरे में आ गया है।

करीब चार करोड़ की बताई जा रही जमीन

कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी जा रही है। आरोप यह भी है कि कब्जे में शामिल बताए जा रहे लोग आजम खान के करीबी थे। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता अब SIT की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायतबताया गया| कि दरियाबाद के स्थानीय लोग महापौर गणेश केसरवानी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि संबंधित पार्क का इस्तेमाल लंबे समय से बच्चे खेलने और बुजुर्ग टहलने के लिए करते रहे हैं। लोगों ने पार्क की जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराने की मांग की।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद PDA ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सदर तहसील और नगर निगम से जमीन से संबंधित राजस्व अभिलेख भी मांगे गए हैं। माना जा रहा है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद जमीन की स्थिति और कथित कब्जे को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Author

You may also like