Sunday, August 9, 2026
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बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, बीजेपी को झटका तो आरजेडी के सामने भी नई चुनौती

by Sagar Sharma
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बिहार के चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज कर राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में उनकी जीत को जहां भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लिए भी भविष्य की चुनौती बन सकता है।

यह सीट बीजेपी नेता नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के अंतर से हराया। उन्हें 64,151 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार 44,827 वोट ही हासिल कर सके।

बीजेपी का कहना है कि इस हार की प्रमुख वजह कम मतदान और आरजेडी समर्थकों के वोटों का जन सुराज की ओर जाना है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान काफी कम रहा और आरजेडी अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने में असफल रही। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में आरजेडी समर्थकों ने जन सुराज का साथ दिया, जिससे चुनावी समीकरण बदल गए।

दूसरी ओर, आरजेडी इस विश्लेषण से सहमत नहीं है। पार्टी सांसद मीसा भारती ने कहा कि बांकीपुर का परिणाम वास्तव में बीजेपी के लिए ही लाभकारी साबित होगा। उनका आरोप है कि प्रशांत किशोर ने ऐसे कई वादे किए हैं जिन्हें पूरा करना आसान नहीं होगा।

अपनी जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें बीजेपी, कांग्रेस और आरजेडी के असंतुष्ट समर्थकों का साथ मिला। उन्होंने यह भी माना कि हाल के युवा आंदोलनों और छात्रों के मुद्दों ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया। उनके मुताबिक, यह नतीजा बिहार की जनता की ओर से बेहतर नेतृत्व, शिक्षा और रोजगार की मांग का स्पष्ट संदेश है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उम्मीदवार बदलने, कम मतदान, जातीय समीकरण और युवाओं की नाराज़गी जैसे कई कारकों ने इस उपचुनाव के परिणाम को प्रभावित किया। ऐसे में बांकीपुर का यह नतीजा सिर्फ एक सीट की जीत-हार नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है।

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