भारत ने चेस ओलंपियाड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल, जबकि महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय शतरंज खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके समर्पण, मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
पुरुष टीम ने हासिल किया दूसरा स्थान
ओपन वर्ग के अंतिम दौर में भारतीय टीम का मुकाबला हंगरी से हुआ। यह मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 18 मैच अंक हासिल किए और सिल्वर मेडल पर कब्जा किया।
मेजबान उज्बेकिस्तान ने अंतिम दौर में यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर 20 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत और अन्य शीर्ष टीमों के बीच पदक की स्थिति तय करने में टाई-ब्रेक का भी इस्तेमाल किया गया।
महिला टीम ने भी जीता कांस्य
महिला वर्ग में भारतीय टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। अंतिम दौर में भारत का सामना जॉर्जिया से हुआ और मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
महिला वर्ग में चीन ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि कजाकिस्तान ने सिल्वर मेडल जीता। भारत तीसरे स्थान पर रहा।भारतीय महिला टीम में कोनेरू हम्पी, सविता श्री और अन्य खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया।
लगातार तीसरी बार हासिल की खास ट्रॉफी
भारत के लिए इस ओलंपियाड की एक और बड़ी उपलब्धि नॉना गैप्रिंडाश्विली ट्रॉफी रही। यह ट्रॉफी ओपन और महिला दोनों वर्गों में किसी देश के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है।
भारतीय टीम ने लगातार तीसरी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भी भारत ने 2022 और 2024 के ओलंपियाड में यह उपलब्धि हासिल की थी।
यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय शतरंज सिर्फ पुरुष वर्ग में ही नहीं, बल्कि महिला वर्ग में भी लगातार मजबूत हो रहा है।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय शतरंज खिलाड़ियों की उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके जुनून और दृढ़ संकल्प को उल्लेखनीय बताया।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा
टीम पदकों के अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग में डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा ने अपने-अपने बोर्ड पर पदक हासिल किए।महिला वर्ग में सविता श्री, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और कोनेरू हम्पी ने भी व्यक्तिगत स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया।
चेस ओलंपियाड 2026 में भारत के दो टीम पदक और लगातार तीसरी गैप्रिंडाश्विली ट्रॉफी जीतना भारतीय शतरंज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी ग्रैंडमास्टर्स के संयोजन ने टीमों को मजबूत बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मौजूदगी को और मजबूती दी।
