पश्चिमी कोलंबिया: भीषण भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के करीब 36 घंटे बाद 32 वर्षीय डेनिएला लार्गो को ढही हुई इमारत के मलबे से जिंदा बाहर निकाल लिया गया। उनके रेस्क्यू के लिए दमकलकर्मियों को करीब 10 घंटे तक लगातार अभियान चलाना पड़ा।
चार भारी स्लैब के नीचे फंसी थीं लार्गो
डेनिएला लार्गो पेरेइरा शहर में एक इमारत के मलबे के नीचे फंसी हुई थीं। उनके ऊपर कंक्रीट की चार भारी स्लैब पड़ी थीं, जिसके कारण बचाव दल के लिए उन तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
इस बीच एक स्थानीय व्यक्ति ने मलबे के अंदर से मदद के लिए आवाज सुनी। सूचना मिलने के बाद आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं और एक छोटे कैमरे की मदद से लार्गो की लोकेशन का पता लगाया गया।
सुरंग बनाकर महिला तक पहुंचे दमकलकर्मी
लार्गो को बाहर निकालने के लिए सीधे मलबा हटाना जोखिम भरा था। ऐसे में दमकलकर्मियों ने कंक्रीट की भारी स्लैब के नीचे से एक संकरी सुरंग बनाने का फैसला किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद बचावकर्मी उनके पास तक पहुंचने में सफल हुए और सुरक्षित तरीके से उन्हें मलबे से बाहर निकाला।
लार्गो के जिंदा मिलने से उनके परिवार और रेस्क्यू टीम में राहत की लहर दौड़ गई। उनकी मां ने बताया कि बेटी के मलबे में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार लगातार उसके सुरक्षित निकलने की उम्मीद कर रहा था।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचावकर्मियों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ी, क्योंकि भारी स्लैब को हटाने से मलबे के और खिसकने का खतरा था।छोटे कैमरे से उनकी स्थिति का पता लगने के बाद बचाव दल ने बेहद नियंत्रित तरीके से रास्ता तैयार किया।करीब 10 घंटे की मेहनत के बाद लार्गो को सुरक्षित बाहर निकालना पूरे अभियान की सबसे बड़ी सफलता रही।
भूकंप में 188 लोगों की मौत
पश्चिमी कोलंबिया में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कॉफी उत्पादन के लिए मशहूर पेरेइरा शहर में ही 79 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव दल अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
डेनिएला लार्गो का 36 घंटे बाद जिंदा मिलना इस भीषण त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है।
