लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख किया। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष यदि स्कूलों की स्थिति का वीडियो बनाना चाहता है तो जरूर बनाए, क्योंकि सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बड़े स्तर पर सुविधाएं विकसित की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में बेहतर फ्लोरिंग, बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय तथा पेयजल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करने के साथ-साथ उन्हें जरूरी शैक्षणिक और उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के करीब 1.60 करोड़ बच्चों को स्कूल बैग दिए गए हैं। इसके साथ ही किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं भी बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का असर अब सरकारी स्कूलों में दिखाई देने लगा है।
2017 से पहले की स्थिति का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सवाल यह होना चाहिए कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति क्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई जगह स्कूलों में भवन नहीं थे और जहां भवन थे, वहां पर्याप्त शिक्षक नहीं थे। शिक्षक होने पर भी विद्यार्थियों की संख्या कम थी और कई बच्चे सत्र पूरा होने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते थे।
सीएम योगी ने कहा कि पहले स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। अब सरकार के प्रयासों से स्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने ‘निपुण भारत अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चे अब अक्षर ज्ञान के साथ-साथ वाक्य विन्यास में भी बेहतर हो रहे हैं। बच्चों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी की शिक्षा भी स्कूलों में दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह स्कूलों का भ्रमण करते हैं तो बच्चों में आए बदलाव और उनकी उपलब्धियां देखने को मिलती हैं। उनके मुताबिक सरकारी स्कूलों में हुआ यह परिवर्तन केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रहा है।
कोटेदारों के सम्मान का भी किया जिक्र
कार्यक्रम में कोटेदारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे उसे सम्मान मिले और कम से कम अपने कार्य के कारण अपमान महसूस न हो। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कोटेदारों को भी लोगों की शक की निगाहों से देखा जाता था।
सीएम योगी ने कहा कि उस समय व्यवस्था में मौजूद भ्रष्टाचार का असर ईमानदारी से काम करने वाले लोगों पर भी पड़ता था। उन्होंने कहा कि गलती किसी और की होती थी, लेकिन उसका खामियाजा दूसरे लोगों को भुगतना पड़ता था।
यूपी की छवि बदलने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश की समग्र छवि में बदलाव आया है। उनके अनुसार पहले प्रदेश के लोग जब दूसरे राज्यों या देशों में जाते थे तो उन्हें अलग नजर से देखा जाता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों का नजरिया बदला है।
सीएम योगी ने दावा किया कि आज देश के किसी भी हिस्से या दुनिया के किसी कोने में उत्तर प्रदेश का नाम लेने पर लोगों के बीच प्रदेश को लेकर सकारात्मक धारणा देखने को मिलती है। उन्होंने इसे पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में हुए बदलाव का परिणाम बताया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और देशभक्ति की भावना से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख किया।
