एशियन गेम्स 2026 में 25 सितंबर को भारतीय शूटिंग के लिए यादगार दिन रहा। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। दोनों खिलाड़ियों ने 484.6 अंक हासिल किए और एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने कांस्य पदक जीता।
इस जीत की खास बात सिर्फ पदक नहीं, बल्कि दोनों खिलाड़ियों का सफर भी है। हरियाणा से आने वाले इन दोनों निशानेबाजों ने अलग-अलग परिस्थितियों से निकलकर शूटिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई और अब एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे हैं।
कुश्ती से शूटिंग तक पहुंचीं सुरुचि सिंह
28 अप्रैल 2006 को जन्मीं सुरुचि सिंह हरियाणा के झज्जर जिले से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने महज 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की। इससे पहले उनका रुझान कुश्ती की तरफ भी रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने शूटिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया। भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा।
सुरुचि ने बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली। 2025 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते। इसके बाद दोहा में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में भी उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता और 245.1 अंक के साथ जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2026 में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और उन्होंने म्यूनिख वर्ल्ड कप में गोल्ड अपने नाम किया।
चोट ने कमलजीत का खेल बदला
कमलजीत का जन्म 22 अगस्त 2003 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुलखा गांव में हुआ। उनका शुरुआती खेल शूटिंग नहीं बल्कि एथलेटिक्स था। चोट लगने के बाद उन्हें ट्रैक एंड फील्ड से हटना पड़ा और 2019 में उन्होंने शूटिंग का रुख किया। इसके बाद उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ 50 मीटर पिस्टल में भी अपनी पहचान बनाई।
शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियां भी उनके सामने रहीं। प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और अन्य खर्चों को संभालना आसान नहीं था। एक समय उन्होंने खेल छोड़ने तक पर विचार किया, लेकिन परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने सफर जारी रखा।
2023 में कमलजीत ने चांगवॉन में ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल के जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। 2026 की एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 50 मीटर पिस्टल में सिल्वर भी हासिल किया।
आखिरी वक्त में बनी जोड़ी और रचा इतिहास
एशियन गेम्स में सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी पहले से तय नहीं थी। पुरुषों की क्वालिफिकेशन में कमलजीत ने 580 अंक हासिल किए और भारतीय निशानेबाजों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके बाद टीम ने उन्हें सुरुचि के साथ मिक्स्ड टीम में उतारने का फैसला किया।
दोनों ने क्वालिफिकेशन में 587 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और फाइनल में भी शानदार लय बरकरार रखी। अंत में 484.6 अंक के साथ उन्होंने गोल्ड जीत लिया। इस तरह अलग-अलग संघर्षों से निकलकर आए सुरुचि सिंह और कमलजीत ने एक साथ भारत को शूटिंग में एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड दिलाकर अपनी कहानी को नई ऊंचाई दी।
