Thursday, October 8, 2026
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‘रामायण’ में श्रीराम के चित्रण पर उठे सवाल, मुकेश खन्ना ने एक्शन सीन्स को लेकर जताई नाराजगी

by Sagar Sharma
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रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ लंबे समय से चर्चा में है। फिल्म की भव्यता, स्टारकास्ट और विजुअल इफेक्ट्स को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, फिल्म की प्रस्तुति को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। अभिनेता मुकेश खन्ना ने फिल्म में भगवान श्रीराम के चित्रण और कुछ एक्शन सीन्स पर अपनी आपत्ति जाहिर की है।

मुकेश खन्ना का मानना है कि रामायण जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक कथा को पर्दे पर प्रस्तुत करते समय पात्रों की मूल छवि और उनकी मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर भगवान श्रीराम को आधुनिक एक्शन हीरो की तरह दिखाए जाने पर सवाल उठाया है।

श्रीराम के एक्शन अंदाज पर आपत्ति

मुकेश खन्ना ने फिल्म में दिखाए गए कुछ एक्शन दृश्यों को लेकर अपनी असहमति जताई। उनके अनुसार भगवान श्रीराम की पहचान सिर्फ एक योद्धा के तौर पर नहीं है। उनका चरित्र संयम, धैर्य, करुणा, त्याग और मर्यादा से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने ऐसे दृश्यों पर सवाल उठाया जिनमें श्रीराम को बेहद आक्रामक और एक्शन-केंद्रित अंदाज में दिखाया गया है। उनका तर्क है कि आधुनिक फिल्मों में जिस तरह नायकों को स्टाइलिश एक्शन करते हुए दिखाया जाता है, उसी शैली को रामायण के पात्रों पर लागू करना उचित नहीं होगा।

‘श्रीराम को एक्शन स्टार जैसा बना दिया’

मुकेश खन्ना ने फिल्म की प्रस्तुति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि श्रीराम के किरदार को कुछ हद तक आधुनिक एक्शन सितारों की शैली में पेश किया गया है। उन्होंने सलमान खान, अमिताभ बच्चन और रजनीकांत जैसे लोकप्रिय अभिनेताओं का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी।

उनके मुताबिक, ऐसे कलाकारों को पर्दे पर जबरदस्त एक्शन करते हुए देखना सामान्य है, लेकिन भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व इससे अलग है। श्रीराम को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा जाता है और उनकी सबसे बड़ी विशेषताओं में उनका संयम और आदर्श व्यवहार शामिल है।

समुद्र वाले प्रसंग का दिया उदाहरण

अपनी बात समझाने के लिए मुकेश खन्ना ने रामायण के समुद्र प्रसंग का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के पास शक्ति होने के बावजूद उन्होंने पहले विनम्रता और धैर्य का परिचय दिया था।उनके अनुसार यही प्रसंग यह समझने के लिए काफी है कि श्रीराम की शक्ति का प्रदर्शन हमेशा आक्रामक तरीके से नहीं होता था। इसलिए फिल्म में उनके पराक्रम के साथ-साथ उनकी विनम्रता और मर्यादा को भी प्रमुखता मिलनी चाहिए।

VFX और भव्यता पर भी चर्चा

‘रामायण’ को बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है और इसमें आधुनिक तकनीक तथा विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म की भव्यता को लेकर दर्शकों के बीच काफी चर्चा है। हालांकि, मुकेश खन्ना का मानना है कि केवल बड़े स्तर के VFX और एक्शन से रामायण की कहानी प्रभावशाली नहीं बन सकती।

उनके अनुसार तकनीक कहानी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का माध्यम हो सकती है, लेकिन पात्रों की मूल भावना और सांस्कृतिक महत्व उससे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। रामायण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई कथा है, इसलिए इसके पात्रों को प्रस्तुत करते समय संवेदनशीलता जरूरी है।

रणबीर कपूर निभा रहे हैं श्रीराम की भूमिका

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे। साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं, जबकि यश भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं।फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता है। एक तरफ इसकी स्टारकास्ट और बड़े स्तर पर बनाई जा रही दुनिया आकर्षण का केंद्र है, तो दूसरी तरफ धार्मिक पात्रों की प्रस्तुति को लेकर चर्चा भी जारी है।

मुकेश खन्ना की टिप्पणी के बाद फिल्म में श्रीराम के किरदार को लेकर बहस और तेज हो गई है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि फिल्म में भगवान श्रीराम के पराक्रम, करुणा, त्याग और मर्यादा के बीच किस तरह संतुलन बनाया गया है।

फिल्म रिलीज होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माताओं की आधुनिक सिनेमाई प्रस्तुति दर्शकों की अपेक्षाओं और धार्मिक भावनाओं के साथ कितना तालमेल बैठा पाती है।

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