बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उन्हें कुल ₹2 करोड़ की रकम जमा करने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक, ₹1.15 करोड़ की राशि तुरंत जमा करनी होगी, जबकि बाकी ₹85 लाख 13 अक्टूबर 2026 तक जमा करने होंगे।
यह मामला लंबे समय से चले आ रहे वित्तीय विवाद से जुड़ा है। राजपाल यादव के खिलाफ चेक बाउंस से संबंधित कई मामले दर्ज हैं और इन मामलों में अदालतों में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान भुगतान को लेकर अभिनेता को पहले भी समय दिया जा चुका है।
पहले भी दिया गया था रकम जमा करने का मौका
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले राजपाल यादव को ₹2 करोड़ कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने उन्हें भुगतान की व्यवस्था करने के लिए समय भी दिया था। हालांकि, निर्धारित समय में पूरी रकम जमा नहीं होने के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह बात आई कि तय रकम के मुकाबले कम राशि जमा की गई थी। इसके बाद अदालत ने भुगतान को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया।
₹5 करोड़ के पुराने विवाद से जुड़ा मामला
यह मामला राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। आरोपों के मुताबिक, फिल्म के निर्माण के लिए करीब ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता ली गई थी। बाद में रकम की वापसी को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
वित्तीय विवाद के बाद भुगतान के लिए जारी किए गए कई चेक कथित तौर पर बाउंस हो गए। इसके बाद राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ चेक बाउंस के मामले सामने आए।
अदालतों में लंबी चली कानूनी लड़ाई
इस मामले में निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी प्रक्रिया चली। राजपाल यादव ने अपनी सजा और मामले में राहत के लिए ऊपरी अदालतों का रुख किया।सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने भुगतान की शर्तों को गंभीरता से लिया और अभिनेता को बकाया रकम जमा करने के लिए अंतिम अवसरों में से एक दिया।
अब 13 अक्टूबर की तारीख अहम
ताजा निर्देश के बाद 13 अक्टूबर 2026 इस मामले में अहम तारीख बन गई है। राजपाल यादव को तब तक बाकी ₹85 लाख जमा करने होंगे। इससे पहले ₹1.15 करोड़ जमा करने का निर्देश दिया गया है।अब अगली कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि अभिनेता अदालत के निर्देश के अनुसार निर्धारित रकम जमा करते हैं या नहीं। अगर भुगतान संबंधी आदेश का पालन नहीं होता है तो उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
चेक बाउंस मामलों में अदालत का सख्त रुख
चेक बाउंस मामलों में अदालतें भुगतान और समझौते की शर्तों के पालन को गंभीरता से लेती हैं। राजपाल यादव के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
फिलहाल अभिनेता के सामने सबसे बड़ी चुनौती अदालत द्वारा तय समयसीमा के भीतर रकम जमा करना है। 13 अक्टूबर तक होने वाला भुगतान और उसके बाद की सुनवाई इस मामले की आगे की दिशा तय कर सकती है।
