भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय तक अपनी रचनात्मक सोच और अलग तरह की कहानियों के लिए पहचान बनाने वाले सिंगीतम श्रीनिवास राव ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। उनके निधन पर कमल हासन, एस.एस. राजामौली, जूनियर एनटीआर, महेश बाबू, चिरंजीवी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी सफर छह दशक से भी ज्यादा लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भाषाओं में काम किया। उनकी फिल्मों में मनोरंजन के साथ-साथ प्रयोग और नई तकनीकों का शानदार मेल देखने को मिलता था। वह ऐसे फिल्मकार थे, जिन्होंने पारंपरिक कहानी कहने के तरीकों से आगे बढ़कर दर्शकों को अलग अनुभव देने की कोशिश की।
छह दशक का शानदार फिल्मी सफर
सिंगीतम श्रीनिवास राव ने अपने करियर की शुरुआत दिग्गज फिल्मकार एल.वी. प्रसाद के सहायक के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कॉमेडी, ड्रामा, फैंटेसी, साइंस-फिक्शन और सामाजिक विषयों पर कई चर्चित फिल्में बनाईं।
उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘पुष्पक विमानम’, ‘आदित्य 369’, ‘भैरव द्वीपम’ और ‘मयूरी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह एक ही तरह के सिनेमा तक सीमित नहीं रहे।
कमल हासन के साथ रही खास जोड़ी
कमल हासन और सिंगीतम श्रीनिवास राव की रचनात्मक साझेदारी भारतीय सिनेमा में बेहद खास मानी जाती है। दोनों ने मिलकर कई यादगार प्रोजेक्ट्स पर काम किया। ‘पुष्पक विमानम’ इस साझेदारी की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही।
कमल हासन ने सिंगीतम के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया। दोनों के बीच सिर्फ निर्देशक और अभिनेता का रिश्ता नहीं था, बल्कि लंबे समय की दोस्ती और आपसी सम्मान भी था।
बिना संवाद की फिल्म ने मचाई धूम
सिंगीतम श्रीनिवास राव की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘पुष्पक विमानम’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। कमल हासन अभिनीत इस फिल्म में पारंपरिक संवादों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। इसके बावजूद कहानी, अभिनय, दृश्य और संगीत के जरिए फिल्म ने दर्शकों तक अपनी बात बेहद प्रभावी तरीके से पहुंचाई।यह फिल्म उनके प्रयोगधर्मी सिनेमा की मिसाल बन गई और आज भी भारतीय सिनेमा की अनोखी फिल्मों में गिनी जाती है।
‘आदित्य 369’ से दिखाई अलग कल्पना
सिंगीतम ने साइंस-फिक्शन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। ‘आदित्य 369’ में समय यात्रा जैसे विषय को बेहद कल्पनाशील तरीके से प्रस्तुत किया गया था। उस दौर में इस तरह के विषय पर फिल्म बनाना अपने आप में बड़ा प्रयोग था।उनकी कल्पनाशक्ति और नए विषयों को पर्दे पर उतारने की क्षमता ने उन्हें अपने दौर के दूसरे फिल्मकारों से अलग पहचान दिलाई।
सितारों ने दी भावुक श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें याद किया। कमल हासन ने उन्हें अपने करीबी सहयोगी और मार्गदर्शक के तौर पर याद किया। एस.एस. राजामौली ने भी उनके रचनात्मक योगदान और प्रयोगधर्मिता को सराहा।
जूनियर एनटीआर, महेश बाबू और चिरंजीवी सहित कई कलाकारों ने भी सिंगीतम श्रीनिवास राव के निधन पर दुख जताया और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।
सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। हालांकि वह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनकी कल्पनाशीलता और सिनेमा को लेकर उनका अलग नजरिया आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक प्रेरित करता रहेगा।
