एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टेबल टेनिस के लिए दीया चितले और मानुष शाह की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। मिश्रित युगल के क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने हांगकांग की मजबूत जोड़ी को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ भारत का टेबल टेनिस में एक पदक भी सुनिश्चित हो गया।
क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी का दमदार खेल
दीया चितले और मानुष शाह ने मुकाबले की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की। पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 11-6 से जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे गेम में हांगकांग की जोड़ी ने वापसी करते हुए 15-13 से बाजी मार ली। इसके बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया।
दूसरे गेम में करीबी हार के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना संयम नहीं खोया। तीसरे गेम में दोनों ने बेहतर तालमेल दिखाया और 11-9 से जीत हासिल की। चौथे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से दबाव बनाए रखा और 11-5 से गेम अपने नाम कर लिया।
इस तरह दीया और मानुष ने 3-1 से मुकाबला जीतकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली।
सेमीफाइनल में पहुंचते ही पदक हुआ सुनिश्चित
मिश्रित युगल टेबल टेनिस स्पर्धा के इस प्रारूप में सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दोनों हारने वाली जोड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। ऐसे में क्वार्टर फाइनल जीतने के साथ ही दीया और मानुष ने भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया।
यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस के लिए भी खास रही। दोनों खिलाड़ियों ने दबाव वाले मुकाबले में मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार तीन गेम जीतकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
सेमीफाइनल में चीन की जोड़ी से सामना
अंतिम चार में भारतीय जोड़ी के सामने चीन की मजबूत जोड़ी की चुनौती थी। सेमीफाइनल में मुकाबला काफी मुश्किल रहा और भारतीय खिलाड़ियों को 8-11, 5-11, 8-11, 2-11 के स्कोर से हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण दीया चितले और मानुष शाह के खाते में कांस्य पदक आया। इस तरह भारतीय जोड़ी ने एशियन गेम्स 2026 में टेबल टेनिस में भारत का पदक पक्का किया।
भारतीय टेबल टेनिस के लिए अहम उपलब्धि
दीया और मानुष का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि क्वार्टर फाइनल में उन्हें विश्व स्तर की मजबूत जोड़ी के खिलाफ मुकाबला करना पड़ा था। दूसरे गेम में हार के बाद जिस तरह दोनों खिलाड़ियों ने वापसी की, वह मुकाबले का अहम मोड़ रहा।
तीसरे और चौथे गेम में लगातार जीत हासिल करके भारतीय जोड़ी ने न सिर्फ सेमीफाइनल में प्रवेश किया, बल्कि देश के लिए पदक भी सुनिश्चित कर दिया। इस सफलता से एशियन गेम्स में भारतीय टेबल टेनिस अभियान को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली।
