नागोया पहुंचते ही सामने आईं व्यवस्थाओं की दिक्कतें
जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का आगाज हो चुका है। भारत समेत एशिया के कई देशों के खिलाड़ी इस बड़े खेल आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। हालांकि, प्रतियोगिताओं के बीच खिलाड़ियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर कुछ परेशानियां सामने आई हैं। भारतीय दल के कुछ खिलाड़ियों को आवास मिलने में देरी, परिवहन की समस्या और होटल से खेल स्थलों तक लंबी दूरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इन परेशानियों को देखते हुए भारतीय अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम शुरू किया है, ताकि खिलाड़ियों की तैयारियों और प्रतियोगिताओं पर इसका असर कम से कम हो।
खिलाड़ियों के कमरे को लेकर बढ़ी परेशानी
भारतीय दल के सामने सबसे बड़ी समस्या आवास को लेकर सामने आई। नागोया पहुंचने के बाद करीब 30 से 35 भारतीय खिलाड़ियों के नाम आवास सूची से हटाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारियों को तत्काल अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था करनी पड़ी।
स्थिति को संभालने के लिए कुछ अतिरिक्त होटल कमरे बुक किए गए। अधिकारियों की कोशिश है कि खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम और सुविधाएं मिलें, क्योंकि प्रतियोगिताओं के दौरान उनकी नींद, रिकवरी और मानसिक तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
एयरपोर्ट से होटल तक भी सामने आईं मुश्किलें
सिर्फ होटल की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट से खिलाड़ियों को उनके ठहरने के स्थान तक पहुंचाने और फिर प्रतियोगिता स्थलों तक ले जाने में भी चुनौतियां सामने आईं। कुछ खिलाड़ियों और टीमों को एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।
कुछ खेलों के खिलाड़ियों के लिए होटल और प्रतियोगिता स्थल के बीच की दूरी भी परेशानी का कारण बनी हुई है। लंबे सफर का असर खिलाड़ियों के आराम और उनके रोजाना के कार्यक्रम पर पड़ सकता है।
एथलीट विलेज की जगह अपनाया गया अलग मॉडल
इस बार एशियन गेम्स में पारंपरिक एथलीट विलेज तैयार नहीं किया गया है। खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल, क्रूज शिप और अन्य अस्थायी आवास व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आयोजन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, एक बड़े एथलीट विलेज के निर्माण पर होने वाले खर्च और आयोजन के बाद उसके इस्तेमाल से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए अलग व्यवस्था अपनाई गई है। हालांकि, इतने बड़े आयोजन में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों की जरूरतों को अलग-अलग स्थानों पर पूरा करना अपने आप में बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रवासी भारतीयों ने बढ़ाया मदद का हाथ
इन परेशानियों के बीच नागोया में रहने वाला भारतीय समुदाय भारतीय खिलाड़ियों के समर्थन में आगे आया है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रवासी भारतीय अपने घरों के दरवाजे खिलाड़ियों के लिए खोलने को तैयार हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, नागोया में करीब 2,000 प्रवासी भारतीयों को संभावित सहायता के लिए संपर्क में रखा गया है। यदि किसी खिलाड़ी या टीम को तत्काल रहने की जरूरत पड़ती है, तो यह समुदाय बैकअप व्यवस्था के तौर पर मदद कर सकता है।
खिलाड़ियों की सुविधा के लिए तैयार की गई विशेष व्यवस्था
भारतीय अधिकारियों ने खिलाड़ियों की सहायता के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था की है। एयरपोर्ट पर सहायता टीम के साथ-साथ वेलकम सेंटर पर भी अधिकारी मौजूद रहेंगे। यहां पहुंचने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों को आवास, परिवहन तथा अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।इसका उद्देश्य यह है कि जापान पहुंचने के बाद खिलाड़ियों को व्यवस्थागत परेशानियों के कारण ज्यादा समय न गंवाना पड़े और वे सीधे अपनी प्रतियोगिताओं की तैयारी पर ध्यान दे सकें।
अब निगाहें खेल मैदान पर
एशियन गेम्स अभी शुरुआती दौर में हैं और भारतीय खिलाड़ियों से अलग-अलग खेलों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता व्यवस्थाओं को जल्द सामान्य करना है।
आवास, परिवहन और दूसरी लॉजिस्टिक चुनौतियों के बीच नागोया का भारतीय समुदाय जिस तरह सहायता के लिए आगे आया है, वह भारतीय खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त सहारा बन सकता है। अब कोशिश यही है कि शुरुआती परेशानियों को पीछे छोड़कर भारतीय खिलाड़ी पूरी ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरें और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
