चंडीगढ़: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने चुनावी घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस बार इसे केवल पार्टी नेताओं की बैठकों तक सीमित रखने के बजाय आम जनता की राय के आधार पर तैयार करने की योजना बनाई गई है। कांग्रेस इसे ‘जनता का घोषणापत्र’ यानी ‘पीपुल्स मेनिफेस्टो’ के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
हर वर्ग से जुटाए जाएंगे सुझाव
पंजाब कांग्रेस की घोषणापत्र समिति की पहली बैठक चंडीगढ़ में हुई। समिति की अध्यक्षता फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह ने की। बैठक में पूर्व मंत्री और विधायक परगट सिंह, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला तथा पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज समेत अन्य नेता शामिल हुए। बैठक में घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया और राज्यभर से सुझाव जुटाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
कांग्रेस की योजना पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करने की है। पार्टी किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, उद्योग जगत, विद्यार्थी, शिक्षक, सामाजिक संगठन, बुद्धिजीवी, अर्थशास्त्री और आम नागरिकों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने की कोशिश करेगी। पार्टी का कहना है कि घोषणापत्र पंजाब की वास्तविक जरूरतों और लोगों की प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करने वाला दस्तावेज होना चाहिए।
युवाओं और Gen Z पर खास नजर
इस बार कांग्रेस के घोषणापत्र में युवा मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को विशेष महत्व मिलने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, रोजगार और कौशल विकास जैसे विषय पार्टी के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। पंजाब में बड़ी संख्या में युवा मतदाता हैं, इसलिए कांग्रेस की कोशिश युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को चुनावी एजेंडे के केंद्र में लाने की है।
पार्टी की रणनीति सिर्फ बड़े चुनावी वादे करने के बजाय ऐसे प्रस्ताव तैयार करने की है, जिन्हें लागू करना व्यावहारिक हो। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक घोषणापत्र में किए गए वादों को लेकर जनता के बीच भरोसा पैदा करना भी महत्वपूर्ण होगा।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे की तैयारी
घोषणापत्र की तैयारियों के साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। पार्टी सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी के अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में पंजाब आने की संभावना है। हालांकि, दौरे की आधिकारिक तारीख को लेकर अभी अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बस यात्रा की योजना भी बनाई जा रही है। संभावित यात्रा अमृतसर से शुरू होकर हुसैनीवाला तक जा सकती है। इसका उद्देश्य जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का संदेश देना बताया जा रहा है।
गुटबाजी के बीच एकजुटता की कोशिश
पंजाब कांग्रेस के सामने घोषणापत्र तैयार करने के अलावा संगठन के भीतर मतभेदों को कम करने की चुनौती भी है। पार्टी में अलग-अलग नेताओं के बीच नेतृत्व और संगठन को लेकर समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का संभावित दौरा पार्टी के लिए केवल चुनावी अभियान की शुरुआत नहीं, बल्कि संगठन को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस की नजर अब 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। जनता से सुझाव लेकर घोषणापत्र तैयार करने और राहुल गांधी के संभावित दौरे के जरिए पार्टी पंजाब में अपना चुनावी आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि जनता की राय से तैयार होने वाला यह घोषणापत्र कांग्रेस को चुनावी मैदान में कितना फायदा पहुंचाता है।
