नई दिल्ली: देशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर निगरानी बढ़ा रहे भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने घी से जुड़े मामले में सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने दमन स्थित SDP Industries Pvt Ltd के बनाए घी के सभी वेरिएंट की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। जांच में ‘Shraddha’, ‘Shree Saras’ और ‘Gokul’ नाम से बेचे जा रहे घी के उत्पादों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने और मिलावट से जुड़ी गंभीर चिंताएं सामने आईं।
लैब जांच में सामने आया बड़ा मामला
FSSAI के मुताबिक, कंपनी के घी के नमूनों की जांच के दौरान A-sitosterol नामक प्लांट स्टेरोल पाया गया। घी में इस पदार्थ की मौजूदगी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मानी जाती। इसके साथ ही फैटी-एसिड संरचना में भी तय मानकों से विचलन मिला। नियामक ने इन नतीजों को विदेशी या वनस्पति वसा की मौजूदगी की ओर संकेत करने वाला बताया है।
घी आम भारतीय परिवारों की रसोई का अहम हिस्सा है। ऐसे में इसकी शुद्धता से जुड़ा कोई भी सवाल सीधे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ाता है। FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोकना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
इन तीन ब्रांडों पर लगा प्रतिबंध
कार्रवाई के तहत SDP Industries को अपने अधिकृत परिसर में निर्मित, स्टोर या बिक्री के लिए रखे गए सभी प्रकार के घी की बिक्री तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है। इनमें ‘Shraddha’, ‘Shree Saras’ और ‘Gokul’ ब्रांड के घी भी शामिल हैं। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रतिबंधित उत्पाद आगे बाजार में न पहुंचें और उपभोक्ताओं को न बेचे जाएं।
यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक नियामक की ओर से आगे कोई निर्देश नहीं दिया जाता।
दिल्ली की कंपनी पर भी कार्रवाई
घी से जुड़े इस मामले के साथ FSSAI ने नई दिल्ली की Marche Retail Pvt Ltd के खिलाफ भी कार्रवाई की है। कंपनी का FSSAI लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। निरीक्षण और बाद की जांच में परिसर में खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं।
नियामक के अनुसार, कमियों में परिसर का डिजाइन और संचालन, साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य संचालकों की ट्रेनिंग और अनिवार्य रिकॉर्ड का रखरखाव जैसे पहलू शामिल थे। कंपनी को कमियां दूर होने तक खाद्य कारोबार से जुड़े काम रोकने का निर्देश दिया गया है।
FSSAI ने बढ़ाई निगरानी
यह कार्रवाई FSSAI की व्यापक प्रवर्तन मुहिम का हिस्सा है। नियामक हाल के महीनों में गलत विज्ञापन, भ्रामक दावे, लेबलिंग में गड़बड़ी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। 2026 में FSSAI ने कई खाद्य कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तथा रेस्तरां कारोबारियों पर भी कार्रवाई की है।
घी के मामले में सामने आए निष्कर्ष उपभोक्ताओं के लिए भी एक अहम संदेश हैं कि पैकेट पर लिखे दावों के साथ-साथ उत्पाद का लेबल, FSSAI लाइसेंस और विश्वसनीय स्रोत से खरीदारी पर ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल FSSAI की कार्रवाई का सबसे बड़ा उद्देश्य संदिग्ध और गैर-अनुपालन वाले उत्पादों की बिक्री रोकना है। आगे की जांच और नियामकीय प्रक्रिया के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
