फिल्म और टेलीविजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। बीआर चोपड़ा के चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में कृपी का किरदार निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री आशा सिंह जयसवाल का निधन हो गया है। उन्होंने 22 अगस्त 2026 की शाम मुंबई में अंतिम सांस ली। उनके बेटे आकाश सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले करीब तीन महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थीं।
लंबे अभिनय सफर को पीछे छोड़ गईं आशा सिंह
आशा सिंह का फिल्म और टेलीविजन से जुड़ा करियर कई दशकों लंबा रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह 1970 के दशक से मनोरंजन जगत में सक्रिय थीं और उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाई। फिल्मों के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी उन्होंने काम किया और लंबे समय तक दर्शकों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
उनकी खासियत यह थी कि वह अपने किरदार को सहजता और भावनात्मक गहराई के साथ निभाती थीं। इसी वजह से सीमित स्क्रीन टाइम वाले किरदार भी दर्शकों के जेहन में अपनी जगह बना लेते थे।
‘महाभारत’ की कृपी के रूप में मिली खास पहचान
आशा सिंह को सबसे ज्यादा याद बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ के लिए किया जाता है। इस सीरियल में उन्होंने कृपी का किरदार निभाया था। कृपी, गुरु कृपाचार्य की बहन, गुरु द्रोणाचार्य की पत्नी और योद्धा अश्वत्थामा की मां थीं।
‘महाभारत’ भारतीय टेलीविजन के उन धारावाहिकों में शामिल रहा है, जिनके किरदारों को आज भी दर्शक याद करते हैं। आशा सिंह का कृपी वाला किरदार कहानी में बहुत लंबा नहीं था, लेकिन उनकी सहज अदाकारी ने इसे खास बना दिया। यही वजह है कि उन्हें आज भी ‘महाभारत’ की कृपी के नाम से याद किया जाता है।
रवि चोपड़ा ने बताई थी कृपी के रोल के लिए पसंद की वजह
आशा सिंह के ‘महाभारत’ से जुड़े एक किस्से का भी अक्सर जिक्र किया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब निर्देशक रवि चोपड़ा से पूछा गया कि कृपी के किरदार के लिए आशा सिंह को ही क्यों चुना गया, तो उन्होंने अभिनेत्री की आंखों में दिखाई देने वाली करुणा, दया और विनम्रता को इसकी वजह बताया था।
यह बात उनके अभिनय की उस खूबी को दर्शाती है, जिसके कारण वह भावनात्मक भूमिकाओं में स्वाभाविक नजर आती थीं।
समाजसेवा और अन्य कामों से भी जुड़ा रहा नाम
आशा सिंह को केवल अभिनेत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि अन्य रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी बताया गया है। उनके बेटे द्वारा साझा की गई जानकारी में उन्हें चरित्र अभिनेत्री और समाजसेविका के रूप में याद किया गया। इसके अलावा उन्हें मिमिक्री आर्टिस्ट और मनोरंजन प्रबंधन से जुड़े कामों से भी जोड़ा गया है।
तीन महीने से चल रहा था इलाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा सिंह पिछले करीब तीन महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि इलाज के बावजूद 22 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे मुंबई में उनका निधन हो गया। 23 अगस्त को उनके अंतिम संस्कार की जानकारी भी सामने आई।
उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर प्रशंसक और कलाकार उनके पुराने किरदारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
आशा सिंह का जाना भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई भूमिकाएं निभाईं, लेकिन ‘महाभारत’ की कृपी उनका ऐसा किरदार रहा, जिसने उन्हें दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया। उनकी अदाकारी और निभाए गए किरदार आने वाले समय में भी उन्हें याद दिलाते रहेंगे।
