बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने सत्ता से हटने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से देश लौटने का संकल्प दोहराया है। नई दिल्ली से आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थितियों ने उन्हें देश से दूर रहने पर मजबूर किया, लेकिन उनका रिश्ता बांग्लादेश की जनता से कभी नहीं टूटा। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल जाना पड़े या जान का खतरा हो, वह अपने देश जरूर लौटेंगी।
अपने संबोधन में शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि जुलाई-अगस्त 2024 का आंदोलन केवल छात्र आंदोलन नहीं था, बल्कि उनकी सरकार को हटाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाया गया अभियान था। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को कमजोर करने की कोशिश की गई। साथ ही आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग का काम सत्ता परिवर्तन के बाद रोक दिया गया।
हसीना ने कहा कि वर्ष 1981 में भी उन्हें बांग्लादेश लौटने से रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब भी उन्होंने वापसी की थी और इस बार भी कोई उन्हें नहीं रोक सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश में शांति, विकास और स्थिरता बहाल करना है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार ने हिंसा के आरोपियों को कानूनी संरक्षण देकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, देश में अल्पसंख्यकों, पत्रकारों, न्यायाधीशों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी कमजोर हुई है।
इस बीच, उनके बेटे और पूर्व आईसीटी सलाहकार सजीब वाजेद ने 2024 के आंदोलन में हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी आंकड़ों और सरकारी आंकड़ों में अंतर का उल्लेख करते हुए पारदर्शिता की मांग की।
शेख हसीना ने बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर भी चिंता जताई। उनका दावा था कि सत्ता परिवर्तन के बाद आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हुई है, निवेश घटा है, उद्योग प्रभावित हुए हैं और महंगाई व बेरोजगारी बढ़ी है। वहीं, सजीब वाजेद ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश छोड़ने के बाद भारत ने उनकी मां को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की, जिसे उन्होंने दोनों देशों के संबंधों का सकारात्मक संकेत बताया।
