केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी करते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अलग-अलग घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।सबसे अधिक असर राज्य के इडुक्की, कोट्टायम, पथानमथिट्टा और कोझिकोड जिलों में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने आपदा प्रभावित इलाकों में बचाव दलों को तैनात कर लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया है।इडुक्की जिले के कुदायथूर के पास अडूरमाला क्षेत्र में हुए भूस्खलन में 65 वर्षीय महिला सुमति की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं कोट्टायम के पूंजर और वागामोन क्षेत्रों में भी भूस्खलन की घटनाओं में जानमाल के नुकसान की खबर सामने आई है।बारिश के कारण पम्पा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इसके चलते रन्नी, कोझेनचेरी और अरणमुला के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिसके बाद प्रशासन ने नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया है।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोझिकोड के अनाक्कमपॉयल इलाके में पिछले 35 घंटों में 340 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि वायनाड के मेप्पाडी में 177 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
केरल में मूसलाधार बारिश से हालात गंभीर, भूस्खलन में 6 लोगों की मौत; राहत-बचाव अभियान तेज
7
