रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने की कोशिशों की खुलकर सराहना की है। पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रूस के साथ भारत के मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों के बावजूद लगातार यूक्रेन में जारी संघर्ष को खत्म करने का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी के पास ऐसे अच्छे विचार हैं, जिनके जरिए संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने की कोशिश की जा सकती है।
मोदी लगातार उठाते हैं युद्ध खत्म करने का मुद्दा
राष्ट्रपति पुतिन ने यह टिप्पणी 1 अक्टूबर को आयोजित वल्दाई डिस्कशन क्लब के पूर्ण सत्र के दौरान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ अच्छे संबंध होने के बावजूद हर बार बातचीत में यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का सवाल उठाते हैं।
पुतिन के मुताबिक, पीएम मोदी इस मुद्दे को लेकर गंभीर रुचि रखते हैं और ऐसे समाधान की तलाश पर जोर देते हैं, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें। उन्होंने मोदी के विचारों के लिए रूस की ओर से आभार भी व्यक्त किया।
शांतिपूर्ण समाधान पर भारत का जोर
यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत लंबे समय से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और संघर्ष से जुड़े मुद्दों को संवाद के माध्यम से सुलझाने की जरूरत है।
पुतिन ने भी अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी की इसी नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रुख इस मामले में तटस्थ है, लेकिन प्रधानमंत्री की दिलचस्पी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त कराने में है। उन्होंने मोदी के प्रयासों को शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
रूस और भारत के बीच संबंधों के बीच आया बयान
पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और रूस के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर लगातार बातचीत हो रही है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हालिया मुलाकातों में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूस के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को बनाए रखते हुए संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी की रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों के साथ बातचीत को भारत की कूटनीतिक नीति का एक हिस्सा माना जाता है।
मोदी के विचारों के लिए जताया आभार
पुतिन ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रूस उनके उन प्रयासों की सराहना करता है, जिनका उद्देश्य युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से और जल्द समाप्त करना है। हालांकि, पुतिन की टिप्पणी में किसी प्रस्तावित शांति समझौते की विस्तृत शर्तों या किसी तत्काल समाधान की घोषणा नहीं की गई है।
इस बयान से इतना स्पष्ट है कि रूस भारत की ओर से युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर दिए जा रहे संदेशों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को लेकर पुतिन की यह टिप्पणी भारत की उस कूटनीतिक स्थिति को भी सामने रखती है, जिसमें नई दिल्ली रूस के साथ अपने संबंध बनाए रखते हुए संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करती रही है।
