नई गिरफ्तारी से केस में जुड़ी अहम कड़ी
सहारनपुर में सामने आए PNB करेंसी चेस्ट मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। जांच एजेंसी ने संविदा पर ड्राइवर के रूप में काम करने वाले आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। वह बैंक की करेंसी चेस्ट से जुड़े कामकाज में ड्राइवर की जिम्मेदारी निभाता था।
नई गिरफ्तारी के बाद जांच अब बैंक से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों की भूमिका की ओर भी बढ़ रही है। एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि उसे करेंसी चेस्ट और वहां होने वाली गतिविधियों तक किस स्तर की पहुंच थी।
करोड़ों की रकम ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
मामले में करीब 17.29 करोड़ रुपये की फेस वैल्यू वाली कथित नकली करेंसी सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई। इतनी बड़ी मात्रा में कथित नकली नोट मिलने के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि ये नोट करेंसी चेस्ट तक किस तरह पहुंचे।
जांच में नकदी के रखरखाव, नोटों की गिनती और बैंक के रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश है कि नोटों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान क्या हुआ था।
मैनेजर के बाद अब संविदा कर्मचारी पर शिकंजा
इस मामले में बैंक के मैनेजर अमित कुमार की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। अब आदेश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद जांच में बैंक के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
जांच एजेंसी बैंक परिसर में उसकी गतिविधियों और अन्य कर्मचारियों के साथ उसके संपर्क से संबंधित जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही करेंसी चेस्ट से जुड़े कामकाज के दौरान उसकी जिम्मेदारियों की भी पड़ताल की जा रही है।
नकली नोट आए कहां से, यही सबसे बड़ा सवाल
पूरे मामले की जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल कथित नकली नोटों के स्रोत को लेकर है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नोट कहां से आए और बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने से पहले उनका इस्तेमाल या लेनदेन किस तरह हुआ।
इसके लिए बैंक के दस्तावेजों, नकदी से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के घेरे में
करेंसी चेस्ट में बड़ी रकम रखी जाती है, इसलिए वहां सुरक्षा और नकदी प्रबंधन की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। कथित नकली नोटों की इतनी बड़ी बरामदगी के बाद संबंधित प्रक्रियाओं की भी जांच की जा रही है।
जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नकदी के आने-जाने और उसकी जांच के दौरान किन-किन स्तरों पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी थी। उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पूछताछ के बाद सामने आ सकती हैं नई जानकारियां
आदेश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब पूछताछ से मामले में नई कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसी कथित नकली करेंसी के स्रोत से लेकर उसके करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को समझने का प्रयास कर रही है।
आने वाले दिनों में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
