Thursday, October 8, 2026
Thursday, October 8, 2026
Home देशदिल्ली पहुंचते ही स्विस राष्ट्रपति का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति भवन में हुआ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’; भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली पहुंचते ही स्विस राष्ट्रपति का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति भवन में हुआ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’; भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

by Sagar Sharma
0 comments

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। नई दिल्ली पहुंचने के बाद उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्हें त्रि-सेवा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। यह यात्रा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, शोध और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गाय पार्मेलिन के साथ स्विट्जरलैंड का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है। हालांकि, वह इसी साल फरवरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ चुके हैं।

राष्ट्रपति भवन में हुआ पारंपरिक स्वागत

5 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में गाय पार्मेलिन का औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनके सम्मान में राजकीय भोज का भी आयोजन किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता सामने आई

गार्ड ऑफ ऑनर समारोह दोनों देशों के बीच राजनयिक सम्मान और करीबी संबंधों का प्रतीक रहा। पार्मेलिन ने भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

मोदी और पार्मेलिन के बीच हुई अहम बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गाय पार्मेलिन के बीच नई दिल्ली में व्यापक द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश के अलावा विज्ञान, तकनीक, नवाचार, शिक्षा, शोध, मोबिलिटी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर भी दोनों पक्षों ने विचारों का आदान-प्रदान किया

इस बातचीत का एक महत्वपूर्ण पहलू भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) भी रहा। इस समझौते को लागू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। भारत और स्विट्जरलैंड अब इसके जरिए व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाश रहे हैं।

पांच समझौतों से सहयोग को मिलेगा विस्तार

पार्मेलिन की यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनमें माइग्रेशन और मोबिलिटी तथा युवा पेशेवरों के प्रशिक्षण और आदान-प्रदान से जुड़े समझौते प्रमुख हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और आर्थिक सहयोग को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ी है

युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान से दोनों देशों के युवाओं को प्रशिक्षण और काम के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। वहीं मोबिलिटी से जुड़ा समझौता दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है।

निवेश और रोजगार पर भी नजर

भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक रिश्तों में निवेश का मुद्दा भी बेहद अहम है। TEPA के तहत भारत में बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्विट्जरलैंड की कंपनियों की भारत के बुनियादी ढांचे, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में पहले से मौजूद भागीदारी को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग से दोनों देशों की जनता को लाभ मिल सकता है।

गाय पार्मेलिन की यह तीन दिवसीय यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और स्विट्जरलैंड अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की कोशिश कर रहे हैं। व्यापार समझौते, निवेश, तकनीकी सहयोग और युवाओं की मोबिलिटी जैसे मुद्दे आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी के प्रमुख आधार बन सकते हैं।

Author

You may also like