Sunday, August 9, 2026
Sunday, August 9, 2026
Home देश‘शनिवार को काम नहीं करूंगा’, Gen Z उम्मीदवार की साफ बात सुनकर चौंका कारोबारी, फिर नौकरी दी तो बना टीम का टॉप परफॉर्मर

‘शनिवार को काम नहीं करूंगा’, Gen Z उम्मीदवार की साफ बात सुनकर चौंका कारोबारी, फिर नौकरी दी तो बना टीम का टॉप परफॉर्मर

by Sagar Sharma
0 comments

आज के कॉर्पोरेट माहौल में जहां लंबे समय तक काम करना और वीकेंड पर भी ऑफिस आना कई जगह सामान्य माना जाता है, वहीं एक Gen Z उम्मीदवार ने अपनी स्पष्ट सोच से सबका ध्यान खींच लिया। दिल्ली के एक उद्यमी ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा अनुभव साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

दिल्ली के कारोबारी अभिषेक अग्रवाल ने लिंक्डइन पर बताया कि इंटरव्यू के दौरान 25 वर्षीय उम्मीदवार ने साफ शब्दों में कहा कि वह शनिवार को काम नहीं करेगा। जब उससे इसका कारण पूछा गया तो उसने बिना झिझक जवाब दिया कि उसकी जिंदगी सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं है।

उम्मीदवार ने बताया कि वह हर शनिवार क्रिकेट खेलता है, 14 साल की उम्र से गिटार बजा रहा है और अपने परिवार के साथ समय बिताना भी उसकी प्राथमिकता है। कारोबारी ने उससे पूछा कि क्या वह ये सभी काम ऑफिस के बाद नहीं कर सकता। इस पर युवक ने ऐसा जवाब दिया जिसने इंटरव्यू पैनल को सोचने पर मजबूर कर दिया।

उसने कहा कि उसका बड़ा भाई अमेरिका में काम करता है, जहां अधिकांश लोग सोमवार से शुक्रवार तक ही काम करते हैं। इसके बावजूद वह दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यदि वहां लोग सप्ताह में पांच दिन काम करके सफल हो सकते हैं, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?

अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में सैकड़ों इंटरव्यू लिए हैं, लेकिन ज्यादातर उम्मीदवार वही कहते थे जो इंटरव्यू लेने वाला सुनना चाहता है। यह युवक अलग था क्योंकि उसने अपनी बात ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ रखी।

यही स्पष्टता देखकर उन्होंने उसे सेल्स टीम में शामिल करने का फैसला किया। बाद में उनका यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। कारोबारी के मुताबिक, नए कर्मचारी ने लगातार दो तिमाहियों तक टीम के सभी सदस्यों से बेहतर प्रदर्शन किया और ग्राहकों का भरोसा भी अपनी ईमानदारी से जीता।

उन्होंने बताया कि आज भी वह कर्मचारी शनिवार को क्रिकेट खेलता है, गिटार बजाता है और परिवार के लिए समय निकालता है। अंत में कारोबारी ने स्वीकार किया कि जिसे उन्होंने शुरुआत में आलसी समझा था, वही पूरे साल का सबसे स्पष्ट सोच रखने वाला उम्मीदवार निकला।

You may also like