Wednesday, October 28, 2026
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OpenAI के ऑफिस में जासूसी का मामला, Google और Anthropic जैसी AI कंपनियों की भी बढ़ी चिंता

by Rohan Gupta
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नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कॉर्पोरेट जासूसी का एक मामला सामने आया है। OpenAI के सैन फ्रांसिस्को कार्यालय में एक एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम के भीतर कथित तौर पर छिपा रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने के बाद AI इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने कंपनी के एक पूर्व इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस घटना ने Google और Anthropic जैसी कंपनियों के लिए भी संवेदनशील कारोबारी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

कॉन्फ्रेंस रूम में मिला छोटा रिकॉर्डिंग डिवाइस

रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI के कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे USB पोर्ट के पास एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपा हुआ मिला था। इसकी कीमत लगभग 13 डॉलर यानी करीब 1,200 रुपये बताई गई है। कंपनी को 30 सितंबर को सुरक्षा जांच के दौरान इस डिवाइस का पता चला।

मामले में Abdulrahman Alfozan नाम के 35 वर्षीय इंजीनियर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इस डिवाइस का इस्तेमाल बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए किया। अमेरिकी अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर मौखिक बातचीत को गैरकानूनी तरीके से इंटरसेप्ट करने से जुड़ा आरोप है। दोष सिद्ध होना अभी बाकी है।

OpenAI के मुताबिक, कंपनी के पास फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि आरोपी ने AI मॉडल के वेट्स, सोर्स कोड या ग्राहकों के डेटा तक पहुंच बनाई थी। आरोपी के वकील ने आरोपों को उनके मुवक्किल के चरित्र के विपरीत बताया है।

संदिग्ध की पहचान में AI मॉडल की मदद

इस मामले का एक अहम पहलू यह है कि OpenAI ने कथित जासूसी की जांच में अपने ही AI मॉडल का इस्तेमाल करने की बात कही है। कंपनी के अनुसार, नियमित सुरक्षा जांच के दौरान डिवाइस मिलने के बाद उसकी पहचान और मामले की पड़ताल में AI तकनीक ने मदद की।

यह घटनाक्रम दिखाता है कि AI कंपनियों के लिए तकनीक का इस्तेमाल केवल नए उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है। यही तकनीक आंतरिक सुरक्षा और संभावित खतरों की जांच में भी भूमिका निभा सकती है।

Google और Anthropic के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

AI कंपनियां ऐसे मॉडल विकसित कर रही हैं जिनके प्रशिक्षण में भारी निवेश, बड़े कंप्यूटिंग संसाधन और विशेषज्ञ टीमों की जरूरत होती है। इन कंपनियों की तकनीकी जानकारी, उत्पाद योजनाएं और रिसर्च रणनीतियां बेहद मूल्यवान कारोबारी संपत्ति हैं।

ऐसे में जासूसी का खतरा केवल साइबर हमलों तक सीमित नहीं रहता। ऑफिस में बातचीत रिकॉर्ड करना, कर्मचारियों से अनौपचारिक मुलाकातों के जरिए जानकारी जुटाना या किसी कर्मचारी के जरिए गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करना भी सुरक्षा जोखिम बन सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI के कर्मचारियों को सार्वजनिक जगहों पर अनजान लोगों से बातचीत के दौरान सतर्क रहने, सार्वजनिक परिवहन में स्क्रीन प्राइवेसी का ध्यान रखने और मीटिंग के बाद व्हाइटबोर्ड साफ करने जैसे उपायों के बारे में बताया गया है। Google और Anthropic में भी कर्मचारियों को इसी तरह के संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया गया है।

तेजी से बढ़ती AI इंडस्ट्री में अंदरूनी सुरक्षा बड़ी चुनौती

AI कंपनियों में तेजी से भर्ती हो रही है और इंजीनियर अक्सर एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाते हैं। ऐसे माहौल में कर्मचारियों की पहुंच, गोपनीय दस्तावेजों का प्रबंधन और संवेदनशील बैठकों की सुरक्षा को नियंत्रित करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनवरी में Google के एक पूर्व इंजीनियर को AI व्यापार रहस्य चुराने के मामले में दोषी ठहराया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि तकनीकी कंपनियों के लिए अंदरूनी सुरक्षा और बौद्धिक संपदा की रक्षा लंबे समय से एक चुनौती रही है।

OpenAI का मामला इस बात की याद दिलाता है कि महंगे साइबर सुरक्षा सिस्टम होने के बावजूद भौतिक निगरानी और अंदरूनी खतरे नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा जितनी तेज होगी, कंपनियों के लिए अपनी रिसर्च, कर्मचारियों और गोपनीय कारोबारी जानकारी को सुरक्षित रखना उतना ही अहम होगा।

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