NEET UG पेपर लीक और UGC NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए अब NTA अपने साथ नए सब्जेक्ट एक्सपर्ट जोड़ने जा रहा है। इन विशेषज्ञों की मदद से अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। खास बात यह है कि एक्सपर्ट के चयन के लिए चार स्तर की स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें दस्तावेजों की जांच से लेकर शैक्षणिक अनुभव, बैकग्राउंड और हितों के टकराव की जांच तक शामिल होगी।
NTA के पैनल में शामिल होंगे नए सब्जेक्ट एक्सपर्ट
NTA देशभर से योग्य शिक्षकों को सब्जेक्ट एक्सपर्ट के लिए आवेदन का मौका देगा। चयनित विशेषज्ञों को अस्थायी तौर पर काम दिया जाएगा, लेकिन उन्हें NTA के आधिकारिक एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया जाएगा। ये विशेषज्ञ अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम के प्रश्नपत्र तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
आवेदन करने वाले शिक्षकों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, नौकरी से जुड़ी जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज देने होंगे। इसके अलावा उन्हें कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट और गोपनीयता से संबंधित घोषणा भी जमा करनी होगी। नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए मौजूदा संस्थान से NOC देना भी जरूरी होगा।
चार चरणों में होगी एक्सपर्ट की स्क्रीनिंग
पहला चरण- दस्तावेज और योग्यता की जांच:
सबसे पहले आवेदकों के दस्तावेज और शैक्षणिक योग्यता की जांच की जाएगी। जरूरी मानकों पर खरे उतरने वाले उम्मीदवार अगले चरण में जाएंगे।
दूसरा चरण- विषय विशेषज्ञता का मूल्यांकन:
इस चरण में उम्मीदवार की शैक्षणिक स्थिति, रिसर्च रिकॉर्ड, प्रश्नपत्र तैयार करने का अनुभव और संबंधित विषय में विशेषज्ञता देखी जाएगी। इसके लिए NTA की ओर से गठित सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटियां मूल्यांकन करेंगी।
तीसरा चरण- बैकग्राउंड वेरिफिकेशन:
इसके तहत उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, नौकरी का रिकॉर्ड और किसी तरह के हितों के टकराव की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य योग्य और भरोसेमंद विशेषज्ञों का चयन करना है।
चौथा चरण- आधिकारिक पैनल में शामिल:
तीनों चरण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को NTA के एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया जाएगा। यह पैनल तीन साल तक मान्य रहेगा। किसी विशेषज्ञ द्वारा नियमों का उल्लंघन करने या ईमानदारी से जुड़ी शर्तें पूरी न करने पर उसे नोटिस देकर पैनल से हटाया जा सकता है।
साल में 15 दिन काम, 40 हजार रुपये तक मानदेय
NTA एकेडमिक सेशन के दौरान करीब 10 प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करता है। इनके प्रश्नपत्र तैयार करने में सब्जेक्ट एक्सपर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार NTA अपने पैनल में शामिल विशेषज्ञों से साल में करीब 15 दिन तक सेवाएं लेता है। इसके बदले विशेषज्ञों को लगभग 35,000 से 40,000 रुपये तक का भुगतान किया जाता है।
इस नई प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे विशेषज्ञों को पैनल में शामिल करना है, जिनकी विषय पर मजबूत पकड़ हो और जो परीक्षा से जुड़ी गोपनीयता व निष्पक्षता के नियमों का पालन कर सकें।
