Saturday, September 12, 2026
Saturday, September 12, 2026
Home देशमंजीत कौर की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल, होश में आने के बावजूद क्यों दर्ज नहीं हुआ बयान?

मंजीत कौर की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल, होश में आने के बावजूद क्यों दर्ज नहीं हुआ बयान?

by Sagar Sharma
0 comments

पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के बाद इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 28 वर्षीय मंजीत ने करीब दो महीने तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ी और 26 अगस्त को PGIMER, चंडीगढ़ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

3 जुलाई को कथित तौर पर हुआ था अपहरण

मंजीत की मां कांता देवी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 3 जुलाई को उनकी बेटी को उसके दो परिचितों शुभी और पिंडा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में एक शराब की दुकान के पास बुलाया था। आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे कार से पंजाब के मोरिंडा ले गए।

मां की शिकायत के मुताबिक, मोरिंडा में मंजीत के साथ मारपीट की गई, फिर उन्हें एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। उनकी एक दोस्त मौके पर पहुंची और कंबल की मदद से आग बुझाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

अस्पतालों में चला लंबा इलाज

घटना के बाद मंजीत को पहले मोरिंडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बाद में मोहाली के एक निजी अस्पताल और फिर PGIMER, चंडीगढ़ रेफर किया गया। करीब एक महीने के इलाज के बाद 5 अगस्त को उनके होश में आने की जानकारी सामने आई।

मां का आरोप- पुलिस ने बेटी का बयान नहीं लिया

मंजीत की मां ने आरोप लगाया कि बेटी के होश में आने के बाद वह पुलिस को अपना बयान देना चाहती थीं। परिवार का कहना है कि खरड़ सदर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन पुलिस टीम समय पर अस्पताल नहीं पहुंची।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने जांच अधिकारी पर भी समय से PGIMER नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि अगर मंजीत का बयान दर्ज हो जाता तो जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते थे। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसने परिवार की पूरी मदद की

मौत के बाद दर्ज हुआ अपहरण और हत्या का केस

मंजीत की मौत के बाद उनकी मां की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब नामजद आरोपियों की तलाश के साथ-साथ सेक्टर-34 से मोरिंडा तक के CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर मंजीत होश में आने के बाद अपना बयान देने की स्थिति में थीं, तो उनका बयान समय रहते क्यों नहीं लिया गया। अब जांच में इस पहलू की भी पड़ताल अहम होगी।

Author

You may also like