उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मनौरी के पास पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। सोमवार को हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा। शुरुआत में तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई थी, लेकिन इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल कई लोगों ने दम तोड़ दिया। बाद की जानकारी के मुताबिक हादसे में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंच गई, जबकि पांच अन्य घायलों का इलाज जारी है
धमाकों से कांप उठा मनौरी बाजार
हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी इलाके में हुआ। पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने के बाद वहां रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ संरचनाएं मलबे में बदल गईं।
धमाके के बाद घटनास्थल पर धुएं का गुबार छा गया। स्थानीय लोगों में अपने परिजनों की जानकारी लेने के लिए बेचैनी बढ़ गई। पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को तलाशने का अभियान शुरू किया।
घायल अस्पताल पहुंचे तो सामने आया दर्दनाक मंजर
हादसे में झुलसे और घायल लोगों को एंबुलेंस के जरिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल की इमरजेंसी में एक के बाद एक घायल पहुंचते रहे। किसी के शरीर पर गंभीर चोटें थीं तो कोई बुरी तरह झुलसा हुआ था। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने घायलों का उपचार शुरू किया।
इस दौरान अस्पताल पहुंचे परिजनों की हालत भी बेहद खराब थी। कोई अपने घायल रिश्तेदार का नाम लेकर पुकार रहा था तो कोई डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर उन्हें बचाने की गुहार लगा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई परिवारों के लिए अस्पताल के बाहर बिताया गया समय बेहद भारी रहा।
इलाज के दौरान बढ़ता गया मौत का आंकड़ा
शुरुआती जानकारी में तीन मौतों की बात सामने आई थी। बाद में गंभीर रूप से घायल लोगों को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। पांच अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
मृतकों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। अपनों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया और राहत-बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द उपचार उपलब्ध कराना रही।
हादसे के बाद पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्टरी में आग कैसे लगी और वहां सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर बड़े सवाल
मनौरी की घटना ने एक बार फिर पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आबादी के आसपास ज्वलनशील सामग्री से जुड़े काम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल परिवार अपने अपनों को खोने के सदमे में हैं और घायल जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मनौरी का यह हादसा कई परिवारों को ऐसा दर्द दे गया, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
