रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को सोमवार को बड़ी सफलता मिली। राज्य सरकार की ओर से छात्रों की प्रमुख मांगें मानने और JSSC-CGL परीक्षा समेत TSR Data Processing Private Limited (TDPL) द्वारा कराई गई परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने जमकर जश्न मनाया। आंदोलन स्थल पर छात्रों को गाते, नाचते और एक-दूसरे को बधाई देते देखा गया।
मांगें माने जाने के बाद खुशी से झूमे अभ्यर्थी
सरकार के फैसले की जानकारी जैसे ही प्रदर्शनकारी छात्रों तक पहुंची, रांची के धरनास्थल का माहौल पूरी तरह बदल गया। लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने खुशी में गीत गाए और जमकर डांस किया। कई छात्र एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी छात्र आंदोलन स्थल पर जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं।
छात्रों के लिए यह जश्न इसलिए भी खास रहा क्योंकि आंदोलन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने लंबे समय तक धरना दिया और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी 16 दिन की भूख हड़ताल के बाद अनशन समाप्त कर दिया।
सरकार ने क्या फैसले लिए?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। इसके साथ ही TDPL द्वारा वर्ष 2014 से कराई गई परीक्षाओं, उनके परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को भी रद्द करने की घोषणा की गई। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच कराने और भविष्य की भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए व्यवस्था तैयार करने की बात कही है।
सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने इसे झारखंड के छात्रों की बड़ी जीत बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों की सभी चिंताएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और आगे की लड़ाई अभी बाकी है। छात्रों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
16 दिन की भूख हड़ताल के बाद खत्म किया अनशन
छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। सरकार के फैसले के बाद उन्होंने रांची सदर अस्पताल में जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया। इस दौरान दो अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी भूख हड़ताल खत्म की। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य जांच की।
यह आंदोलन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर छात्रों की लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का परिणाम था। अभ्यर्थी JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे थे। सरकार के फैसले के बाद फिलहाल आंदोलनकारियों के बीच उत्साह का माहौल है।
हालांकि, इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी सामने आया है। JSSC-CGL में सफल हुए कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द किए जाने का विरोध किया है और उनका कहना है कि पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे में सरकार के फैसले के बाद भर्ती परीक्षा को लेकर एक नई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
फिलहाल रांची में छात्रों के जश्न की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। 24 दिनों के आंदोलन के बाद सरकार के फैसले ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को राहत दी है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार और आगे की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
