टोक्यो: जापान में रविवार, 23 अगस्त 2026 को एक ही दिन में दो भूकंपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। पहले पूर्वी जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका असर टोक्यो और आसपास के इलाकों में महसूस किया गया। इस झटके में 40 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। इसके कुछ घंटों बाद उत्तरी जापान के होक्काइडो क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, दूसरे भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
एक दिन में दो बड़े झटकों से सहमा जापान
पहला भूकंप रविवार सुबह पूर्वी जापान में आया था। इसका केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रीफेक्चर में बताया गया और इसकी प्रारंभिक तीव्रता 5.9 दर्ज की गई। टोक्यो समेत आसपास के कई प्रांतों में तेज झटके महसूस किए गए। कई लोग नींद से अचानक जाग गए और घबराहट में गिरने या फर्नीचर से टकराने के कारण घायल हुए।
रिपोर्टों के अनुसार, टोक्यो, सैतामा, कानागावा, चिबा और इबाराकी में दर्जनों लोगों को चोटें आईं। ज्यादातर चोटें मामूली बताई गईं, हालांकि कुछ मामलों में गंभीर चोट भी सामने आई।
रात में होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का दूसरा भूकंप
पहले झटके के कुछ घंटों बाद जापान के उत्तरी हिस्से होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। JMA के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात करीब 10:45 बजे आया और इसका केंद्र उराकावा के तट से दूर करीब 40 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के बावजूद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण भूकंपीय घटनाओं के सामने आने के बाद जापानी अधिकारियों ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अगले सात दिन क्यों महत्वपूर्ण हैं?
पहले भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने लोगों को लगभग एक सप्ताह तक संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने को कहा। वैज्ञानिकों के लिए भूकंप के बाद की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होता है, क्योंकि मुख्य झटके के बाद छोटे या कभी-कभी अपेक्षाकृत मजबूत आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि अगले सात दिनों में निश्चित रूप से कोई बड़ा भूकंप आएगा। चेतावनी का उद्देश्य लोगों को संभावित झटकों के लिए तैयार रखना है। जापान जैसे भूकंप-प्रवण देश में प्रशासन आमतौर पर लोगों से आपातकालीन सामान तैयार रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील करता है।
ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा असर
पूर्वी जापान में आए पहले भूकंप के बाद कुछ ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। कुछ सेवाओं में देरी हुई, हालांकि बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। टोक्यो के कोटो वार्ड में भूकंप के बाद एक भूमिगत पानी की पाइप भी फट गई थी, जिसे बाद में ठीक कर दिया गया।
अधिकारियों ने नुकसान का जायजा लेने के लिए आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय की। साथ ही परमाणु संयंत्रों से किसी असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली।
सुनामी का खतरा नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी
दोनों भूकंपों के बाद तत्काल सुनामी का खतरा नहीं बताया गया। फिर भी जापान की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार भूकंपीय गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना, सिर को बचाना और आधिकारिक आपदा निर्देशों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण है।
फिलहाल जापान में प्रशासन और मौसम विज्ञान एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में पहले भूकंप से घायल हुए लोगों का इलाज जारी है, जबकि होक्काइडो में आए 6.0 तीव्रता के दूसरे भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की तत्काल जानकारी सामने नहीं आई है। आने वाले कुछ दिन भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
