इस्लामाबाद/कराची: पाकिस्तान में बिजली संकट एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। देश के कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायतों के बीच कराची में हालात सबसे ज्यादा बिगड़ गए हैं। शहर के कई हिस्सों में लोगों का दावा है कि उन्हें रोजाना 12 घंटे या उससे अधिक समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। लंबे और कई बार बिना पूर्व सूचना के होने वाले पावर कट से परेशान होकर लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाकर बिजली बहाल करने की मांग की।
कई इलाकों में घंटों गायब रही बिजली
कराची के पाक कॉलोनी, लियाकताबाद, गरीबाबाद, निस्तार रोड, भिमपुरा और रैंचोर लाइन समेत कई इलाकों में बिजली कटौती को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरों के साथ-साथ दुकानों और छोटे कारोबारों पर भी असर पड़ रहा है। कई परिवारों को गर्मी में बिना पंखे और एसी के रहना पड़ रहा है, जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
कुछ इलाकों में बिजली संकट का असर पानी की सप्लाई पर भी पड़ा है। बिजली से चलने वाले पंप बंद रहने के कारण कई जगह पानी की समस्या और बढ़ गई। इससे लोगों की नाराजगी और तेज हो गई है।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कें कीं जाम
बिजली कटौती के विरोध में लोगों ने कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर धरना दिया। लियाकताबाद में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चौराहों को बाधित किया, जिससे सिविक सेंटर और लियाकताबाद के बीच यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। निस्तार रोड पर भी विरोध के दौरान टायर जलाए गए। कई जगह दुकानदार भी प्रदर्शन में शामिल हुए और बिजली की अनियमित आपूर्ति से कारोबार प्रभावित होने की शिकायत की।
इन प्रदर्शनों के कारण कराची के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं और हजारों यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालने की कोशिश की, लेकिन कई वैकल्पिक मार्ग भी भारी जाम की चपेट में आ गए।
चार घंटे का सफर घंटों में हुआ पूरा
बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन और अन्य सड़क बंद होने की घटनाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, एक निजी कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि वह शाम करीब 5 बजे SITE इलाके से निकले थे और लियाकताबाद पहुंचने में उन्हें लगभग चार घंटे लग गए। एक अन्य परिवार ने बताया कि बुखार से पीड़ित महिला को डॉक्टर के पास ले जाने के दौरान उनकी एंबुलेंस भी करीब दो घंटे तक जाम में फंसी रही।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था और जरूरी सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
K-Electric ने बिजली कटौती पर क्या कहा?
बिजली वितरण कंपनी K-Electric की ओर से संकट के लिए कुछ इलाकों में बिजली चोरी और बकाया बिलों को जिम्मेदार बताया गया है। कंपनी के एक प्रवक्ता के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में डिफॉल्टरों पर अरबों रुपये का बकाया है और बिजली चोरी तथा लाइन लॉस की समस्या भी बनी हुई है। कंपनी का कहना है कि संबंधित इलाकों में लोडशेडिंग की अवधि बिजली चोरी और नुकसान के स्तर से जुड़ी होती है।
हालांकि, स्थानीय लोग इस दलील से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं को भी लंबे पावर कट का सामना करना पड़ रहा है।
संकट बढ़ा तो विरोध और तेज होने की चेतावनी
24 अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक, इब्राहिम हैदरी, मलिर और न्यू नाजिमाबाद जैसे इलाकों में भी बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन हुए। इब्राहिम हैदरी में लोगों ने K-Electric के कार्यालय के बाहर धरना दिया और टायर जलाकर बिजली बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
24 अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक, इब्राहिम हैदरी, मलिर और न्यू नाजिमाबाद जैसे इलाकों में भी बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन हुए। इब्राहिम हैदरी में लोगों ने K-Electric के कार्यालय के बाहर धरना दिया और टायर जलाकर बिजली बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
कराची में बिजली संकट ने अब नागरिक सुविधाओं, पानी की सप्लाई, कारोबार और यातायात—चारों मोर्चों पर दबाव बढ़ा दिया है। फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी मांग यही है कि लंबे और अनियमित पावर कट को खत्म कर बिजली आपूर्ति सामान्य की जाए।
