Thursday, October 8, 2026
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मॉस्को में रूसी कमांडर के साथ होगी अहम बैठक BRICS के बाद भारत-रूस के बीच बढ़ी सैन्य हलचल, जनरल धीरज सेठ की मॉस्को यात्रा पर नजर

by Sagar Sharma
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रूस पहुंचे सेना प्रमुख, तीन दिन का है दौरा

भारत के सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 16 सितंबर से रूस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान उनका कार्यक्रम मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में रखा गया है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाना और रक्षा सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करना है।भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में दशकों पुराना सहयोग रहा है। भारतीय सेना में रूसी मूल के कई सैन्य प्लेटफॉर्म और प्रणालियां इस्तेमाल होती हैं। ऐसे में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच नियमित संवाद महत्वपूर्ण माना जाता है।

रूसी लैंड फोर्सेज के प्रमुख से मुलाकात

मॉस्को में जनरल धीरज सेठ की मुलाकात रूसी लैंड फोर्सेज के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव से होगी। इस बैठक में दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग और आपसी हित से जुड़े विषयों पर बातचीत होगी।सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और अनुभव साझा करने जैसे मुद्दे भी दोनों देशों के रक्षा संबंधों का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में इस बैठक के दौरान भविष्य के सैन्य सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।

रक्षा उद्योग और खरीद से जुड़े मुद्दे अहम

दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ रूस के नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे। इसके अलावा उनकी मुलाकात रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी होगी।इन बैठकों में रक्षा उद्योग, सैन्य उपकरणों की उपलब्धता, रखरखाव और खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। भारत के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे रूसी सैन्य उपकरणों की सपोर्ट व्यवस्था भी महत्वपूर्ण विषय है।हालांकि, इस दौरे के दौरान किसी नए बड़े रक्षा सौदे पर अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए संभावित बातचीत और अंतिम खरीद निर्णय के बीच अंतर को समझना जरूरी है।

पुराने सैन्य उपकरणों के रखरखाव पर भी नजर

भारतीय सेना में रूसी मूल के टैंक, बख्तरबंद वाहन, तोपखाने और अन्य सैन्य प्रणालियों का लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है। इनके लिए स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहायता और रखरखाव की व्यवस्था दोनों देशों के रक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।सेना प्रमुख की यात्रा में इन व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर बातचीत होने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा हो सकती है।

सेंट पीटर्सबर्ग में सैन्य अकादमी जाएंगे

रूस यात्रा के अगले चरण में जनरल धीरज सेठ सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे। वहां वह मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा करेंगे।सैन्य अकादमी के नेतृत्व और फैकल्टी के साथ उनकी बातचीत सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर केंद्रित होगी। दोनों देशों के सैन्य संस्थानों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान को इससे बढ़ावा मिल सकता है।

BRICS बैठक के बाद बढ़ा सैन्य संवाद

जनरल धीरज सेठ का रूस दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की, जिनमें रक्षा सहयोग भी शामिल है।इसके कुछ दिनों बाद सेना प्रमुख का रूस जाना भारत-रूस के सैन्य स्तर के संपर्क को दर्शाता है। इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों के नतीजों से आने वाले समय में रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग और उपकरणों से जुड़े मामलों की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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