Friday, October 9, 2026
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चार लोगों को डिजिटल जाल में फंसाकर 4.25 लाख की चपत, बैंक खाते खाली होने से मचा हड़कंप,ग्वालियर में साइबर ठगों का कहर

by Sagar Sharma
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ग्वालियर में साइबर अपराध से जुड़े चार अलग-अलग मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से कुल 4 लाख 25 हजार रुपये निकाल लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर संबंधित मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

चार वारदातों में खाली हुए बैंक खाते

जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने चार अलग-अलग लोगों को निशाना बनाया। प्रत्येक मामले में ठगों ने अलग तरीका अपनाकर पीड़ितों से बैंकिंग या निजी जानकारी हासिल की और इसके बाद उनके खातों से रकम निकाल ली। चारों घटनाओं को मिलाकर पीड़ितों को 4 लाख 25 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह घटना एक बार फिर लोगों के लिए सतर्क रहने का संदेश देती है। ऑनलाइन लेनदेन के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बैंक खाते में जमा बड़ी रकम को खतरे में डाल सकती है।

ठगी का पता चलने के बाद पुलिस तक पहुंचे पीड़ित

बैंक खातों से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ितों को साइबर ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है।

पुलिस जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने पीड़ितों से किस माध्यम से संपर्क किया था और रकम को किन बैंक खातों या डिजिटल माध्यमों के जरिए ट्रांसफर किया गया।

डिजिटल लेनदेन में सावधानी जरूरी

साइबर ठगी की इन घटनाओं के बाद ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या लिंक पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या किसी परिचित के नाम पर लोगों से संपर्क करते हैं।

कई बार ठग लोगों से ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी अन्य गोपनीय जानकारी मांगते हैं। ऐसी किसी भी जानकारी को साझा करने से बैंक खाते में जमा रकम खतरे में पड़ सकती है।

पुलिस ने शुरू की मामलों की जांच

चारों शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस साइबर ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में लेनदेन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और ठगी की रकम तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।फिलहाल चार अलग-अलग वारदातों में 4.25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी सामने आई है।

ऐसे बचें ऑनलाइन ठगी से

लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। बैंक या यूपीआई से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यदि किसी संदिग्ध लेनदेन का पता चलता है तो तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर कार्रवाई होने से ठगी की रकम को रोकने या वापस हासिल करने की संभावना बढ़ सकती है।

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